चैत्र नवरात्र के दौरान प्रमुख मंदिरों को 24 घंटा बिजली उपलब्ध कराने का मुख्यमंत्री का निर्देश जिले में हवा-हवाई साबित हो रहा है। वैसे तो शहरी क्षेत्रों में 24 घंटा विद्युत आपूर्ति का रोस्टर है लेकिन बमुश्किल 20 घंटा ही आपूर्ति हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है।
कहने को 18 घंटे का रोस्टर है लेकिन 15 से 16 घंटा ही बिजली उपभोक्ताओं को मिल रही है। अब जबकि नवरात्र बुधवार से प्रारंभ हो चुका है तो ऐसे में शासन के निर्देशानुसार प्रमुख मंदिरों में 24 घंटा बिजली उपलब्ध करा पाना पावर कारपोरेशन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
सुचारु बिजली उपलब्ध कराने में सबसे बड़ी बाधा जर्जर हो चुके उपकरण बन रहे हैं। शासन के तमाम दिशा-निर्देशों के बावजूद पावर कारपोरेशन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। नतीजतन पर्व के मौके पर निर्देश के बावजूद प्रमुख मंदिरों तक निर्बाध बिजली नहीं पहुंच पा रही है।
अकबरपुर के श्यामलाल व बाबूराम तिवारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पावर कारपोरेशन अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते प्रमुख मंदिरों को 24 घंटे बिजली नहीं मिल सकी। प्रशासन व संबंधित अधिकारियों को इसे लेकर गंभीरता दिखाई जानी चाहिए।
जलालपुर के संजय व अभिमन्यु ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश का सुचारु पालन कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को गंभीर होना चाहिए। टांडा के मनोज गुप्ता व सुशील तिवारी ने कहा कि 24 घंटे बिजली मिलने की बात दूर, रोस्टर के अनुसार ही नहीं मिल पा रही है। यह अत्यंत चिंताजनक है।
अधिशाषी अभियंता विद्युत मुकेश बाबू ने बताया कि नवरात्र पर्व के मद्देनजर प्रमुख मंदिरों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का शासन का निर्देश अभी नहीं मिला है। वैसे भी शहरी क्षेत्र को 24 घंटा व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे की आपूर्ति की जा रही है। यदि कहीं किसी प्रकार की तकनीकी खराबी होती है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाता है।