तेज धूप से बचने के लिए टांडा मार्ग पर स्टोल से चेहरा ढक कर निकलती युवतियां।
अंबेडकरनगर। भीषण गर्मी और तेज धूप से रविवार को लोग बेहाल रहे। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से निकली तेज धूप ने दोपहर तक लोगों का बदन झुलसा दिया। शाम को भी उमस से लोगों को राहत नहीं मिल सकी।
मई माह में गर्मी अब अपने चरम पर पहुंचती दिख रही है। रविवार सुबह से ही सूरज के तीखे तेवर लोगों को परेशान करते रहे। दोपहर बाद धूप और तेज हो गई, जिससे बाहर निकलने वाले लोग पसीने से तरबतर नजर आए। गर्म हवाओं और तपिश से बचने के लिए अधिकांश लोगों ने घरों में रहना ही बेहतर समझा।
सबसे ज्यादा परेशानी बाइक से आने-जाने वाले लोगों को उठानी पड़ी। शहजादपुर के दुकानदारों ने बताया कि तेज धूप के कारण दिन में बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। महिलाएं और युवतियां चेहरे को स्टोल और दुपट्टे से ढककर निकल रही हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ ही शीतल पेय पदार्थों की मांग भी बढ़ गई है। जगह-जगह छाछ, लस्सी, शरबत और गन्ने के रस के ठेले लगे नजर आए। तेज धूप के चलते टांडा, बसखारी और अयोध्या मार्ग पर भी दिन में आवागमन कम रहा। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़कों पर वाहनों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम दिखाई दी।
खेतों में खड़ी फसलें भी मुरझाईं
लगातार पड़ रही तेज गर्मी का असर खेतों में खड़ी फसलों पर भी पड़ने लगा है। तेज धूप के कारण खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है। किसानों का कहना है कि सिंचाई के दो दिन बाद ही खेत सूख जा रहे हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। डॉ. रामजीत ने बताया कि किसान सुबह और शाम के समय ही सिंचाई करें, ताकि फसलों में नमी बनी रहे। उन्होंने कहा कि फिलहाल मौसम से राहत मिलने की संभावना कम है।