अंबेडकरनगर। पछुवा हवाओं व बदली के चलते मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली। पूरे दिन धूप नहीं निकली। नतीजा यह हुआ कि दिनभर लोग ठिठुरने को मजबूर हो गए। सरकारी व निजी कार्यालयों में दरवाजे व खिड़कियों को बंद कर कामकाज निपटाया जाता रहा। मौसम के प्रतिकूल रुख को देखते हुए बाजारों में भी सन्नाटे का माहौल रहा। सड़क पर निकले लोग खुद को ठंड से बचाने के लिए जूझते नजर आए। साइकिल व बाइक से चलने वाले लोग कांपते दिखे। अचानक मौसम के बदलने के बाद शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने पर्याप्त संख्या में अलावा जलवाने की मांग की।
बीते दिनों बारिश के दौरान मौसम बिगड़ने के बाद तेज धूप निकलने पर लोगों को राहत मिली थी। हालांकि मंगलवार को मौसम ने अचानक से फिर से करवट ले लिया। सुबह से ही धूप की बजाए बादल छा गए। पछुवा हवाओं का दौर भी इसमें जारी रहा। बताते चलें कि बीते लगभग 48 घंटे से पछुवा हवाएं कभी तेज तो कभी धीमी गति से चल रही हैं। इसी बीच बादलों के छाने से अचानक ठंड और बढ़ गई। मंगलवार सुबह सबसे ज्यादा मुश्किल स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को हुई।
उन्हें ठिठुरते हुए स्कूल जाने को विवश होना पड़ा। ठंड को देखते हुए कई बच्चों ने नहाने तक से परहेज किया। ठंड बढ़ने के चलते बच्चों को अतिरिक्त गर्म कपड़े पहनाकर अभिभावकों ने स्कूल भेजा। घर से स्कूल के लिए निकले बच्चे जहां तहां स्टैंड पर वाहनों के इंतजार में ठिठुरते रहे। नागरिकों को उम्मीद थी कि सुबह नौ से दस बजे के बीच मौसम साफ हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
इसका साफ असर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में देखने को मिला। ग्राहकों का रूख पर्याप्त संख्या में न होने से तमाम जगहों पर सन्नाटे का माहौल रहा। विभिन्न प्रकार के व्यवसाय से जुड़े ऐसे तमाम दुकानदार रहे, जिनके पास एक भी ग्राहक नहीं पहुंचा। ठंड का असर सरकारी कार्यालयों से लेकर निजी कार्यालयों तक में दिखाई पड़ा। ठंड इतनी ज्यादा थी कि खिड़की व दरवाजे बंद कर काम करने के बावजूद कर्मचारी ठिठुरने को विवश हुए। कार्यालयों, दुकानों व विभिन्न प्रतिष्ठानों में मौजूद लोग मफलर व टोपी लगाकर काम करते दिखे। इसके बाद भी उन्हें ठंड का एहसास होता रहा। सबसे ज्यादा मुश्किल रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों तथा रिक्शा, टैक्सी व अन्य वाहनों के चालकों को हुई। अलाव न जलने से उन्हें अपरान्ह बाद तक ठंड से जूझना पड़ा।
कड़ाके की ठंड को देखते हुए नगर पालिका परिषद अकबरपुर ने अलाव का प्रबंध किया। विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर लकड़ियां पहुंचाई गई़ और लोगों को ठंड से बचाने के लिए अलाव जलवाया गया। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने बताया कि अलाव के प्रबंध कर दिए गए हैं। लोगों को कोई दिक्कत नहीं होने पाएगी।
मौसम के मौजूदा रूख को देखते हुए आलू किसानों की चिंता बढ़ सकती है। दरअसल इसी तरह मौसम बना रहने पर आलू की फसल में पाला लगने की संभावना हो जाती है। इससे फसल नष्ट होने लगती है। किसानों ने इससे फसलों को बचाने के लिए दवाओं के साथ ही राखी का छिड़काव शुरू कर दिया है। कटेहरी के किसान गोपाल तथा केदारनगर के बरखू ने कहा कि आलू की फसलों को इस मौसम से बचाने का इंतजाम किसानों ने शुरू कर दिया है। इसके साथ ही उन किसानों को भी दिक्कत हो सकती है, जिनके सरसों की फसल में फूल लग गया है।