अंबेडकरनगर। कड़ाके की ठंड भले ही पड़ने लगी हो, लेकिन प्रशासन की कंबल खरीद योजना अभी कछुआ गति से ही चल रही है। दिसंबर का आधा माह बीत चुका है, लेकिन अब तक कंबल खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में यदि प्रशासन अब यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाए भी तो वह दिसंबर माह में गरीबों को ठंड से बचाने के लिए कंबल मुहैया कराने में सफल नहीं होगा।
शासन ने बीते आठ नवंबर को ही जिले में साढ़े 27 लाख रुपए की धनराशि भी मुहैया करा दी गई। इसमें अलाव के लिए 50-50 हजार रुपए तथा कंबल वितरण के लिए 5-5 लाख रुपए सभी तहसीलों को मुहैया कराया गया। शासन ने प्रशासन को निर्देशित किया कि कड़ाके की ठंड शुरू होने से पहले गरीबों में कंबल का वितरण सुनिश्चित कर दिया जाए, जिससे शीतलहर शुरू होने पर गरीबों को ठिठुरना न पड़े।
प्रशासन की उदासीनता के चलते जिले में न तो अभी कहीं किसी सार्वजनिक स्थल पर अलाव की व्यवस्था दिख रही है और न ही किसी तहसील में कंबल वितरण का कार्य शुरुरू हो पाया। जिले में कंबल वितरण को लेकर प्रक्रिया काफी शिथिल गति से चल रही है। ऐसे में कड़ाके की ठंड शुरू होने की दशा में अब प्रशासन कितनी भी तेजी दिखाए तो वह दिसंबर माह में गरीबों तक कंबल पहुंचाने में सफल नही हो सकेगा।
विभागीय सूत्रों की माने तो कंबल खरीद कार्य कछुआ गति से चल रहा है। जिम्मेदार लोगों की उदासीनता का आलम यह है कि पैसा आए एक माह से अधिक का समय बीत गया, लेकिन अब तक टेंडर प्रक्रिया ही पूरी नही हो सकी है। पहले टेंडर खुलने की तिथि 26 नवंबर निर्धारित थी। परन्तु इसे बढ़ाकर 21 दिसंबर कर दिया गया। इसके बाद तय होगा कि कौन सी फर्म कंबल की खरीद करेगी। फर्म नामित होने के बाद इसकी खरीद व जिले में कंबल पहुंचने में दिसंबर माह बीत जाएगा।
कंबल पहुंचने के बाद अधिकारी उसकी गुणवत्ता की जांच करेंगे। मानक के अनुरूप पाए जाने के बाद ही वितरण शुरु होगा। ऐसे में पात्र गरीबों तक कंबल पहुंचाने का कार्य जनवरी माह में ही शुरु हो पाने की उम्मीद है। अकबरपुर नगर के मीरानपुर मोहल्ला निवासी रामजियावन व बुधिराम का कहना है कि कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक प्रशासन लापरवाह है। कटेहरी के हरीप्रसाद तिवारी व रामबोध आदि ने भी अब तक कंबल वितरण न शुरू होने पर नाराजगी जताई है। अकबरपुर जियाराम व फिरता देवी ने जल्द कंबल वितरण कराने की मांग की।
कंबल की गुणवत्ता से सभी आवेदन करने वाले फर्मों को अवगत कराया जा चुका है। कंबल का वजन 2 किलो 200 ग्राम होगा, जबकि लंबाई 235 सेमी व चौड़ाई 140 सेमी होगी। इसमें ऊन की मात्रा 70 प्रतिशत होनी चाहिए। इस मानक के अनुसार ही कंबल का वितरण होगा।
कंबल की उपलब्धता जल्द सुनिश्चित होगी। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया तेजी से पूरी करायी जा रही है। समय रहते जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
- अमरनाथ राय, एडीएम