अंबेडकरनगर। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में पहुंचकर ऑनलाइन माध्यम से मरीजों को इलाज की सुविधा तय करने की तरफ स्वास्थ्य विभाग ने जिले में कदम बढ़ा दिया है। मंगलवार को जिला अस्पताल से टेली मेडिसिन सेवा का शुभारंभ हुआ। इस बीच स्वास्थ्य महकमे ने राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में पांच, जबकि जिला अस्पताल में तीन चिकित्सकों की तैनाती का निर्णय लिया है। इसके लिए संविदा पर आठ एमबीबीएस चिकित्सक रखे जाएंगे। 25 मई को इन सभी चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में साक्षात्कार होगा। इसके बाद टेली मेडिसिन सेवा का लाभ मरीज और प्रभावी ढंग से उठा सकेंगे।
कोरोना संक्रमण के दौरान अंबेडकरनगर जनपद समेत पूरे प्रदेश में टेली मेडिसिन सेवा शुरू की गई थी। बाद में संक्रमण का दौर कम होने पर जब अस्पताल फिर से खुल गए, तो यह सेवा बंद कर दी गई। हालांकि बाद में राज्य सरकार ने मरीजों की भागदौड़ कम करने के लिए स्थायी तौर पर टेली मेडिसिन सेवा शुरू करने का निर्णय लिया। इसकी शुरुआत मंगलवार को जिला अस्पताल से हो गई। यहां बनाए गए एक विशेष कक्ष के जरिए चिकित्सक ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों से जुड़े। व्यवस्था के नोडल प्रभारी डॉ. मनोज शुक्ला ने डॉ. मनोज के साथ मिलकर स्वयं यह जिम्मा संभाला। कक्ष संख्या 18 में बैठे इन दोनों चिकित्सकों से ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न अस्पतालों के मरीज ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
इस बीच व्यवस्था को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने कुल आठ चिकित्सकों की संविदा पर तैनाती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत इन पदों के लिए चिकित्सकों का साक्षात्कार विकास भवन में करने के साथ ही सूची को फाइनल कर चयनित चिकित्सकों की ज्वाइनिंग करा दी जाएगी। यह सभी आठ चिकित्सक मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में रहकर सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को ऑनलाइन परामर्श देंगे। इसके अलावा दोनों जगहों के विशेषज्ञ चिकित्सक भी टेली मेडिसिन सेवा से जुड़ेंगे। सीएमओ डॉ. श्रीकांत शर्मा ने कहा कि टेली मेडिसिन सेवा को मरीजों के हित में शुरू किया गया है। इससे मरीजों को राहत मिलेगी।
मरीजों को मिलेगी राहत
इस नई व्यवस्था से मरीजों व तीमारदारों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। सभी सीएचसी व पीएचसी पर एक-एक लैपटॉप का प्रबंध किया गया है। अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी वहां पर हैं। मरीजों को सिर्फ अपने नजदीकी सीएचसी व पीएचसी पर पहुंचना है। इसके बाद वे मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकों समेत अन्य चिकित्सकों से परामर्श ले सकेंगे। इससे मरीजों व तीमारदारों का न सिर्फ समय बचेगा, वरन आर्थिक बचत भी होगी। जिला मुख्यालय व मेडिकल कॉलेज तक जाने-आने के दौरान होने वाली शारीरिक व अन्य दिक्कतों से भी मरीजों को छुटकारा मिलेगा।
30 मरीजों का हुआ उपचार
जिला अस्पताल में पहले दिन टेली मेडिसिन सेवा का लाभ 30 मरीजों ने उठाया। यहां मौजूद दोनों चिकित्सकों ने मिलकर मरीजों का उपचार किया। ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, शुगर, बुखार व बैक पेन आदि से पीड़ित थे। डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि टेली मेडिसिन सेवा को और प्रभावी बनाया जाएगा। मरीजों को बेहतर परामर्श दिया जाएगा। उन्हें सिर्फ जरूरी जांच के लिए ही मुख्यालय तक आना होगा।