आलापुर (अंबेडकरनगर)। ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) रामनगर में सोमवार को एनसीईआरटी द्वारा संचालित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के छठे चरण का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण के पहले दिन कक्षा तीन की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों के साथ-साथ प्रभावी शिक्षण विधियों, अभ्यास कार्यों और समेकन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी शिक्षकों को प्रदान की गई, ताकि गणित जैसे कठिन विषयों को भी बच्चे आसानी से समझ सकें।
प्रशिक्षण सत्र में आरपी विनय चतुर्वेदी ने बताया कि कक्षा तीन की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें गणित, भाषा, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि ये पुस्तकें विद्यार्थियों के लिए विषयों की मूलभूत समझ विकसित करने में सहायक हैं। एआरपी ईशान श्रीवास्तव ने ''वीणा'' से संबंधित अभ्यास कार्यों पर चर्चा करते हुए बताया कि ये गतिविधियां छात्रों की सृजनात्मकता और संगीतिक समझ को विकसित करने के उद्देश्य से डिजाइन की गई हैं। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे प्रत्येक अभ्यास कार्य के पीछे छिपे शैक्षिक उद्देश्यों को समझें और छात्रों की प्रतिक्रिया एवं प्रगति के अनुसार शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाएं।
आरपी अभिषेक यादव ने गणित मेला पुस्तक का परिचय देते हुए बताया कि यह पुस्तक संख्याएं, आकृतियां, समय और मुद्रा जैसे जटिल विषयों को रोचक गतिविधियों के माध्यम से सिखाने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने खिलौनों का आनंद, दोहरा शतक और सूरजकुंड मेला जैसे अध्यायों का उल्लेख किया, जो बच्चों में गणना कौशल और तर्कशक्ति का विकास करते हैं। एआरपी शैलेंद्र कुमार ने समेकन प्रक्रिया की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य शिक्षण की सुसंगतता को सुनिश्चित करना है। इससे शिक्षक यह समझ पाते हैं कि कौन-सी विधियाँ छात्रों के लिए अधिक प्रभावी हैं, जिससे शिक्षण गुणवत्ता में सुधार संभव हो पाता है।