अंबेडकरनगर। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने से नाराज शिक्षकों का शुक्रवार को हुजूम उमड़ा। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने सभा की और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट में आंबेडकर प्रतिमा के सामने पहुंकर प्रदर्शन किया। बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
जिलाध्यक्ष विनय सिंह ने कहा कि वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और एनसीटीई की अधिसूचना के तहत टीईटी से छूट दी गई थी। इसके बावजूद, न्यायालय के हालिया निर्णय ने उन शिक्षकों की सेवा असुरक्षित कर दी है। संरक्षक श्रीराम भवन शुक्ल ने कहा कि इस फैसले से शिक्षक असमंजस में हैं। जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र शुक्ल ने मांग की कि निर्णय केवल भविष्य के लिए लागू हो और 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को इससे बाहर रखा जाए। अटेवा के जिलाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ शिक्षकों की गरिमा व अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है। टीएससीटी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लालचंद्र यादव, जकुलदीप वर्मा, अभिषेक यादव, मंजू लता, फूलमती, शबनम, पुष्पा मिश्रा व अन्य मौजूद रहे।