अचार के लिए मसाला तैयार करतीं सुमन सिंह।
अंबेडकरनगर। गांव में रहने वाली महिलाएं अपने हुनर से घर पर ही उद्यम स्थापित कर अपने साथ दूसरी महिलाओं की आर्थिक रूप से मजबूत कर रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह बनाकर अपने उत्पादों को दूर-दूर तक पहुंचा रही हैं।
अकबरपुर ब्लॉक के शिवलीपुर गांव की सुमन सिंह ने सीता स्वयं सहायता समूह बनाया है। यहां पर वह केमिकल मुक्त अचार, मुरब्बा बना रही हैं। इनकी मिर्च का अचार सिर्फ चार महीने में ही प्रसिद्धी पाने लगा है। लोग दूर-दूर से इनका अचार खरीदने के लिए आ रहे हैं। इससे जहां गांव की महिलाओं को घर पर ही रोजगार मिल रहा है, वहीं आर्थिक रूप से मजबूती भी मिल रही है।
सुमन ने जब इसकी शुरुआत की तो आसपास के गांवों व कुछ फुटकर दुकानों पर बिक्री करती थीं, लेकिन स्वाद बेहतर होने की वजह से अचार की लोकप्रियता बढ़ने लगी। इससे उनका हौसला बढ़ता गया और बड़े पैमाने पर अचार बनाना शुरू कर दिया।
सुमन सिंह ने बताया कि छह महीने पहले उनके मन में स्वरोजगार को लेकर विचार आया था। इसके बाद उन्होंने पहले गांव की महिलाओं को जोड़कर अचार बनाना शुरू किया। इस बीच समूह का गठन भी कर लिया। विभाग से मदद के लिए आवेदन भी किया है।
बीते दिनों डीएम अविनाश सिंह के सामने अचार का प्रस्तुतीकरण भी किया था। इसके बाद डीएम ने इसकी ब्रांडिंग कराने के भी निर्देश दिए हैं। जल्द ही अचार बनाने के काम को व्यावसायिक रूप में शुरू किया जाएगा। आत्मनिर्भर बनने की दिशा में समूह की महिलाएं अचार के स्वाद से परिवार को आर्थिक मजबूती देने का काम कर रही हैं। सुमन के पति बसखारी में मोटर मेकैनिक का काम करते हैं।