दो पहिया व चार पहिया वाहन रेंगकर चलने को मजबूर रहे। जाम के चलते परेशान हुए लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी व्याप्त हो गई। लोगों का कहना था कि पेराई के चलते बड़ी संख्या में गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जिले के विभिन्न क्षेत्रों से चीनी मिल पहुंचती हैं।
सुचारु यातायात के लिए उन्हें नगर के बाहर से निकाला जाना चाहिए। पुलिस प्रशासन की अदूरदर्शिता का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अकबरपुर चीनी मिल मिझौड़ा में दो दिसंबर से पेराई का कार्य प्रारंभ होने के साथ ही लोगों को अंदेशा थी कि जाम की समस्या से जूझ रहे जिला मुख्यालय पर अब यह समस्या और भी बढ़ जाएगी।
हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि वाहनों के लगातार बढ़ते दबाव व चीनी मिल में पेराई को देखते हुए पुलिस प्रशासन आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसी का नतीजा रहा कि सोमवार को पूरे दिन अकबरपुर नगर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई।
दरअसल जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा आजमगढ़ व जौनपुर जनपद से भी बड़ी संख्या में गन्ना लदी ट्रैक्टर -ट्रॉलियां व ट्रक जिला मुख्यालय से होकर चीनी मिल जाने लगे हैं। भोर से ही यह सिलसिला शुरू हो गया, जो देर सायं तक लगातार चलता रहा।
नतीजा यह रहा कि अकबरपुर-फैजाबाद मार्ग, नई सड़क, अकबरपुर-मालीपुर मार्ग, अकबरपुर-दोस्तपुर मार्ग, अकबरपुर-पहितीपुर मार्ग, अकबरपुर-बसखारी मार्ग सहित अकबरपुर बस स्टेशन क्षेत्र में ऐसे वाहनों के चलते जाम लग गया।
शहजादपुर से अकबरपुर व पुरानी तहसील तिराहे से जिला अस्पताल तक की जो दूरी 15 से 20 मिनट में तय होती थी, उसे तय करने में सोमवार को लोगों को एक से डेढ़ घंटे का समय लग गया। एक तरफ जहां कई एंबुलेंस जाम में फंस गए, वहीं विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी रास्ता साफ होने का इंतजार करते रहे। यातायात पुलिस एक जाम को हटवाती, तो चंद मिनट के बाद फिर से जाम लग जाता। यह सिलसिला पूरे दिन चलता रहा।