महरुआ (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के तमाम किसानों की पेड़ी गन्ना पर्ची के अभाव में नहीं बिक पा रही है। इससे किसानों में रोष व्याप्त है। उनका आरोप है कि चीनी मिल प्रशासन गन्ना बोआई के पहले सुचारू ढंग से पर्ची मिलने का आश्वासन देता है। जब मौका आता है तो पर्ची के लिए परेशान होना पड़ता है। गन्ना न बिकने से गेहूं बोआई लेट हो रही है।
क्षेत्र के किसान बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती करते हैं। पेराई सत्र शुरू होने के बाद प्रत्येक वर्ष पर्ची के लिए किसानों को परेशान होना पड़ता है। इस वर्ष भी तमाम किसान पर्ची के लिए भागदौड़ करने को विवश हैं। किसान जगदीश मिश्र, सीतापति, अभिमन्यु सिंह व अनुराग सिंह का आरोप है कि पर्ची के अभाव में उन सभी का पेड़ी गन्ना नहीं बिक पा रहा। जब इस बारे में मिल अधिकारियों से वार्ता की जाती है तो वे गन्ना समिति का हवाला देकर जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेते हैं। ऐसे में तमाम किसान मजबूरन औने-पौने दाम पर क्रशर पर गन्ना बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
किसानों का कहना है कि पेड़ी गन्ना न बिकने से गेहूं की बोआई के लिए लेट हो रहा है। दरअसल पेड़ी गन्ना काटने के बाद किसान उस खेत में गेहूं की बुआई करते हैं। किसानों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर पर्ची दिलवाने की मांग की है। उधर, चीनी मिल के अरविंद सिंह ने बताया कि पर्ची नियमानुसार भेजी जा रही है। सट्टा प्रदर्शन के अनुरूप ही पर्चियां सभी को उपलब्ध होंगी।