अंबेडकरनगर। जिले के करीब 66 हजार अन्त्योदय कार्डधारकों के लिए खुशखबरी है। अक्तूबर माह से प्रत्येक अन्त्योदय कार्डधारक को एक किलोग्राम चीनी उपलब्ध होगी। फिलहाल शासन द्वारा चीनी के लिए उपभोक्ताओं को कितने रुपए भुगतान करना होगा, यह तय नहीं हो सका है। आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग ने पत्र जारी कर प्रदेश के सभी सहकारी चीनी मिल संघ को निर्देशित किया है कि वह संबंधित जिलों में चीनी मुहैया कराएं। शासन के इस नए निर्णय से 20 हजार से अधिक अन्त्योदय कार्डधारक व उनके परिवार को लाभ मिलेगा। शासन के इस निर्णय पर गरीबों ने खुशी का इजहार किया है।
लॉकडाउन के बीच गरीबों की मदद के लिए सरकार ने एक और पहल की है। अन्त्योदय कार्डधारकों को एक किलोग्राम चीनी प्रतिमाह देने का निर्णय लिया है। शासन के इस निर्णय से जिले के 65 हजार 888 गरीब अन्त्योदय कार्डधारकों को इसका लाभ मिलेगा। खाद्य तथा रसद विभाग के आयुक्त मनीष चौहान द्वारा जारी यह पत्र जिले में भी प्राप्त हो गया। जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर सभी तहसीलों में इसकी तैयारी शुरु कर दी गई है। जिले में करीब 658.88 कुंतल चीनी की जरूरत पड़ेगी। शासन का निर्देश है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अन्त्योदय परिवारों को 1 किलोग्राम चीनी प्रति परिवार प्रतिमाह की दर से दिया जाएगा।
सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वह सितंबर माह में चीनी की उठान सुनिश्चित कर लें, जिससे अक्तूबर माह से वितरण सुनिश्चित हो सके। चीनी की उपलब्धता में किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए शासन ने प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ को पत्र लिखा है, और समय से चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। फिलहाल शासन से अभी तक उपभोक्ताओं को चीनी के लिए कितना भुगतान करना होगा, यह तय नहीं है।
शासन के इस नए निर्देश से लॉकडाउन व कोरोना महामारी से फैली निराशा में गरीबों को मदद की कुछ उम्मीद जगी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि शासन की यह पहल काफी बेहतर है, जरूरत है कि इसकी मात्रा में और इजाफा किया जाए। प्रति परिवार कम से कम 3 किलोग्राम चीनी मुहैया करायी जाए। इससे उनका कुछ दिन का खर्च भी चल सके। जिस परिवार में सदस्यों की संख्या 4-5 है, वहां एक किलोग्राम चीनी कितने दिन चलेगी। गरीबों ने सरकार से चीनी की मात्रा बढ़ाए जाने की मांग की है।
अन्त्योदय परिवारों में चीनी का वितरण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियां चल रही हैं। सभी तहसीलों के पूर्ति निरीक्षकों का इसका डाटा संकलित करने का निर्देश दिया गया है। शासन के दिशा निर्देशों का पूरी पारदर्शिता के साथ पालन किया जाएगा।
राकेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी