अंबेडकरनगर। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में द्वितीय सत्र की परीक्षा का फरमान आ गया है। ये परीक्षा 25 से 30 जनवरी तक कराए जाने का निर्देश दिया गया है। यह टेस्ट 10-10 अंकों का लिया जाएगा। परीक्षा की काॅपियां अभिभावकों को दिखाई जाएंगी। सवाल ये है कि बच्चों को पढ़ाने के लिए नव वर्ष में अभी तक सिर्फ एक दिन स्कूल खुला, उसके बाद अवकाश हो गया। उन्हें पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय ही नहीं मिला तो परिणाम अच्छे आने की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल की ओर से द्वितीय सत्र की परीक्षा पूरी सख्ती के साथ विद्यालयों में आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। परिषदीय विद्यालयों में दिसंबर के तीसरे सप्ताह में अर्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हुईं जो कि 28 दिसंबर तक चलीं। 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक परिषदीय स्कूलों में शीतकालीन अवकाश था। 15 जनवरी को स्कूल खुले, लेकिन सर्दी की वजह से बच्चों के लिए अवकाश की अवधि बढ़ा भी दी गई है। अब 20 जनवरी को स्कूल खुलेंगे और 25 जनवरी से द्वितीय सत्र की परीक्षाएं शुरू होंगी। ऐसे में विद्यार्थियों को तैयारी करने का मौका कम मिलेगा।
हालांकि, विभाग की ओर से यह निर्देश दिया गया है कि दिसंबर तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के आधार पर परीक्षाएं ली जाएंगी, जबकि दिसंबर तक की पढ़ाई के आधार पर छात्र अर्धवार्षिक परीक्षा दे चुके हैं। वहीं अब इस सत्र की परीक्षा में भी दिसंबर तक का ही कोर्स पूछे जाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में इस परीक्षा का औचित्य क्या है, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।