अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली आपूर्ति व्यवस्था सोमवार रात लड़खड़ा गई। इनकमिंग केबल जलने, ट्रिपिंग और अन्य तकनीकी खराबियों के चलते 50 से अधिक गांवों में कई घंटे बिजली गुल रही। उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती से हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। टांडा में बार-बार बिजली कटने से पावरलूम संचालित करने वाले बुनकरों का कारोबार भी प्रभावित हुआ।
महरूआ उपकेंद्र की इनकमिंग केबल नंबर चार सोमवार शाम करीब छह बजे जल गई। इससे मंसापुर, नसीरपुर, पतौना, वेस्ट समेत छह फीडरों से जुड़े 50 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली कर्मियों ने करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात 11 बजे आपूर्ति बहाल की। इस दौरान हजारों उपभोक्ता गर्मी और उमस से परेशान रहे।
टांडा में बार-बार गुल हुई बिजली
टांडा बिजलीघर से संचालित शहरी क्षेत्र में रात 9:25 बजे बिजली आपूर्ति बाधित हुई। करीब एक घंटे बाद 10:30 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। इसके बाद रात 11:10 बजे वीआईपी फीडर और 11:25 बजे मुबारकपुर फीडर की आपूर्ति बंद हो गई। करीब 12:15 बजे बिजली आई, लेकिन रात दो बजे फिर गुल हो गई। टांडा बुनकर बाहुल्य क्षेत्र है। लगातार बिजली कटौती से पावरलूम संचालन प्रभावित होने से बुनकरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बुनकर नेता हाजी इफ्तेखार ने बिजली विभाग से निर्बाध आपूर्ति की मांग की है।
अकबरपुर में रातभर ट्रिपिंग
अकबरपुर के बैरमपुर बरवा और कोटवा महमदपुर बिजलीघरों से जुड़े क्षेत्रों में भी रातभर ट्रिपिंग की समस्या बनी रही। अधीक्षण अभियंता रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है। फाल्ट होते ही उसे ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
18 घंटे में 10 से 12 घंटे ही मिल रही बिजली
राजेसुल्तानपुर। तेंदुआईकला विद्युत उपकेंद्र के गिरैया बाजार फीडर से जुड़े 20 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था खराब है। इटौरी कल्याणपुर, इसहापुर केदरूपुर, गिरैया बाजार, नसीरपुर, गंगासागर, आदमपुर, ऐनवा, बढ़ईपुर और नरवा पीतांबरपुर समेत गांवों में बीते एक सप्ताह से ट्रिपिंग और बार-बार शटडाउन की समस्या बनी हुई है। इससे 18 घंटे के रोस्टर में महज 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जेई रमेश यादव ने बताया कि फाल्ट होने पर ही आपूर्ति बंद की जाती है।