अंबेडकरनगर। आंधी के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि ने बृहस्पतिवार की रात जिले में जमकर कहर बरपाया। जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के वाजिदपुर गांव में दीवार ढहने से उसकी चपेट में आकर एक वृद्ध की मौत हो गई, वहीं आलापुर थाना क्षेत्र के सतरही गांव में तेज हवा के बीच खपरैलनुमा घर पर पेड़ गिरने से चपेट में आकर किशोरी ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक छप्परनुमा घर ढह गए, जिसमें तीन व्यक्ति घायल हो गए। वहीं कई जगहों पर पेड़ धराशायी हो गए। तमाम विद्युत खंभों के क्षतिग्रस्त होने से संबंधित क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इनमें से कई जगहों पर शुक्रवार देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इससे लगभग डेढ़ लाख आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उधर, बदले मौसम ने किसानों को भी तगड़ी चपत लगाई। खेतों में खड़ी सरसों की फसल धराशायी हो गई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जिले में गुुरुवार को सुबह से ही चल रही तेज हवा व उमड़-घुमड़ रहे बादलों के बीच देर शाम आंधी के साथ हुई बारिश ने जमकर कहर बरपाया। तेज हवा के साथ हुई बारिश से एक तरफ जहां एक वृद्ध व किशोरी की जान चली गई, तो वहीं बड़े पैमाने पर माली नुकसान भी हुआ। जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के वाजिदपुर गांव निवासी रफीक (65) बृहस्पतिवार की रात खपरैलनुमा घर में सो रहे थे। इसी दौरान तेज हवा के साथ हो रही बारिश से कमरे की एक दीवार ढह गई। इससे मलबे में रफीक के अलावा दो मवेशी भी दब गए। इससे गांव में चीख पुकार मच गई। परिवारीजनों ने ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाया, लेकिन तब तक रफीक की मौत हो चुकी थी। दोनों बकरियों ने भी दम तोड़ दिया।
उधर, आलापुर थाना क्षेत्र के सतरही गांव निवासी रामतीरथ की पुत्री आकांक्षा (17) रात में खपरैलनुमा घर में अपनी मां के साथ सो रही थी। बताया जाता है कि देर रात तेज हवा के साथ हो रही बारिश व ओलावृष्टि के बीच घर के निकट स्थित पेड़ घर पर गिर पड़ा। इससे आकांक्षा उसकी चपेट में आ गई। आननफानन किशोरी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
कई स्थानों पर घर व पेड़ धराशायी
जिले में गुुरुवार की रात तेज हवा के साथ हुई बारिश से दो दर्जन से अधिक छप्परनुमा घर ढह गए, वहीं दर्जनों पेड़ धराशायी हो गए। इनमेें तीन व्यक्ति घायल हो गए। सम्मनपुर थाना क्षेत्र के हजपुरा में त्रिपुरारी मिश्र के गैराज की दीवार ढह गई। इसी गांव के निवासी ओमप्रकाश गौड़ के घर पर पेड़ की डाल टूटकर गिर गई। नव ज्योति इंटर कॉलज में एक दर्जन पेड़ धराशायी हो गए। कटेहरी में रामराज का कच्चा घर ढह गया, तो किछौछा में शरीफ का खपरैलनुमा घर क्षतिग्रस्त हो गया। इसी प्रकार भीटी, आलापुर, टांडा, जलालपुर व अकबरपुर तहसील क्षेत्र में बारिश के चलते कच्चे घर व पेड़ ढह गए। राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के कियामपुर गांव निवासी विनोद यादव के घर पर आम का पेड़ तेज हवा के चलते गिर गया। इससे जहां मकान क्षतिग्रस्त हो गया, तो वहीं घर में मौजूद विनोद यादव घायल हो गए। जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के उमरीजाल निवासी शांति देवी टिन शेड के नीचे सो रही थी। तेज हवा के बीच हुई बारिश से शेड उड़ गया, वहीं दीवार ढह गई। इससे वह चपेट में आकर घायल हो गई। जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के एनवां गांव निवासी भालमन मौर्य टिन शेड के नीचे सो रहा था। इसी बीच घर पर पेड़ गिर गया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
खंभे व तार टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित
तेज हवा के साथ हुई बारिश व ओले गिरने से जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी पूरी तरह से चरमरा गई। कहीं विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, तो कहीं तार पर पेड़ गिरने से टूट गए। नतीजा यह रहा कि बिजली न मिलने से लगभग डेढ़ लाख आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जलालपुर में कासिमपुर कर्बला, मालीपुर, नेवादा, रफीगंज फीडर में गड़बड़ी आने से संबंधित फीडर से जुड़े दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। अकबरपुर में टाउन फीडर व कुर्की फीडर से आपूर्ति होने वाली बिजली भी बाधित हो गई। कहीं पेड़ की डाल तार पर गिर गई, तो कहीं विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। राजेसुल्तानपुर में तेज हवा के साथ हुई बारिश के बीच ट्रांसफार्मर लगा विद्युत खंभा धराशायी हो गया। भीटी में विद्युत खंभा क्षतिग्रस्त होने व तार टूटने से भीटी, अढ़नपुर, सेनपुर, टेमा समेत दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। हजपुरा में खंभा क्षतिग्रस्त हो गया, इससे हजपुरा, कजपुरा, रसूलपुर समेत कई अन्य क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसी प्रकार टांडा, अकबरपुर, जलालपुर, भीटी व आलापुर तहसील क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में खंभे क्षतिग्रस्त होने व तार गिरने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। ज्यादातर क्षेत्रों में शुक्रवार देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। इससे संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
खेतों में पसर गई सरसों व गन्ने की फसल
तेज हवा, बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों को तगड़ी चपत लगाई। खेतों में खड़ी लगभग तैयार हो चुकी सरसों की फसल ज्यादातर स्थानों पर धराशायी हो गई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। अकबरपुर के सुनील शर्मा व प्रदीप ने कहा कि मौसम के बदले मिजाज ने सरसों व अगेती गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है। यदि बारिश आगे भी होती है, तो चना व मटर की फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसान सालिकराम ने कहा कि तेज हवा से गन्ने की फसल भी खेत में धराशायी हो गई है। जिन क्षेेत्रों में ओले गिरे हैं, वहां सरसों की फसल के साथ आलू की फसल को भी बड़ा नुकसान होगा।