अंबेडकरनगर। दिवाली पर विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बुधवार को कसौधन पटाखा व्यवसायी के घर और गोदाम पर छापा मारकर 10266 किलो अवैध पटाखा बरामद किया। पुलिस ने गोदाम को सील कर दिया है। पकड़े गए माल की कीमत एक करोड़ से अधिक होने का अनुमान है।
बुधवार सुबह सीओ नीतीश कुमार, कोतवाल श्रीनिवास पांडेय ने फायर विभाग के अधिकारियों की टीम ने शहजादपुर के इंद्रलोक कॉलोनी निवासी पटाखा व्यवसायी अवधेश कसौधन के घर पर मंगलवार की देर रात छापा मारा। यहां 31 बोरों में 1244 किलो अवैध पटाखा बरामद हुआ। कारोबारी के पास महज 25 किलो गन पाउडर का लाइसेंस था, जबकि इससे कई गुना अधिक पटाखों की थोक व फुटकर बिक्री की जा रही थी। इसके बाद बुधवार दोपहर एसडीएम सदर प्रतीक्षा सिंह, सीओ नीतीश कुमार पुलिस बल के साथ जोगापुर स्थित अवधेश कसौधन के पटाखा गोदाम की जांच की। यहां 25 किलोग्राम क्षमता गन पाउडर भंडारण के लाइसेंस पर नियम विरुद्ध तरीके से 9022 किलोग्राम पटाखे रखे पाए गए। पुलिस ने पटाखा सहित गोदाम को सील कर दिया। व्यापारी के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।
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251 अस्थायी दुकानों को मिला था लाइसेंस
वर्ष 2024 में जिलेभर में 251 अस्थायी पटाखा दुकानों को तीन दिनों के लिए पटाखा बेचने का लाइसेंस जारी किया गया था। इसमें अकबरपुर में सबसे अधिक 77 जलालपुर में 60, आलापुर में 51, टांडा में 42 और भीटी में 21 विक्रेताओं को कारोबार के लिए लाइसेंस मिला था। इस बार पांचों तहसील में अब तक 150 लोगों ने अस्थायी पटाखा दुकानों के लिए आवेदन किया है।
21 में सिर्फ नौ का ही हुआ है नवीनीकरण
जिले में 21 स्थायी पटाखा कारोबारी है। इसमें से केवल नौ दुकानदारों ने ही अपनी दुकानों का नवीनीकरण कराया है। 12 दुकानों के लाइसेंस अवैध हो चुके हैं, इसके बावजूद इनमें से कई चोरी छिपे पटाखों का भंडारण और बिक्री की जा रही थी। वर्ष 2023 व 2024 में शहर से बड़ी संख्या में अवैध पटाखों का जखीरा पुलिस ने बरामद किया था। इसमें कई लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस भी दर्ज किया था।
घनी आबादी में है घर, हो सकती थी बड़ी जनहानि
पटाखा व्यवसाई ने जिस मकान में पटाखों का भंडारण कर रखा था, वह उसका पैतृक मकान था। अपने हिस्से के मकान में उसने पटाखा भंडार किया था। इसके ठीक पड़ोस में व्यवसाई ने अपना नया मकान बनवाया था और इसी में परिवार समेत रह रहा था। पैतृक आवास के दूसरे हिस्से में इनके भाई का परिवार निवास करता है। घनी आबादी होने के कारण अगर पटाखे में धमाका हो जाता तो इससे बड़ी जनहानि हो सकती थी।
गोदाम में करते पांच कर्मचारी भी करते थे काम
पटाखा व्यवसाई के गोदाम में चार से पांच कर्मचारी कार्य करते थे।यह गोदाम भले ही आबादी से बाहर हो लेकिन यहां भी कर्मचारियों की जान माल को नुकसान हो सकता था। हालांकि, आग से निपटने के इंतजाम किए गए थे।
जिले में कहीं भी क्षमता से अधिक पटाखों का भंडारण नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
- अभिजीत आर शंकर, पुलिस अधीक्षक
अकबरपुर के जोगापुर स्थित पटाखा गोदाम पर मौजूद मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी।