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UP News: हत्या और लूट को बनाया पेशा, 12 साल जेल के बाद भी नहीं छूटा जरायम का साथ; STF ने किया बदमाश का अंत

Sat, 27 Jun 2026 12:57 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर

सार

STF ने एक लाख के इनामी बदमाश संजीव को मुठभेड़ में मार गिराया। इसने 15 साल पहले ताबड़तोड़ लूट व हत्याएं करके जरायम की दुनिया में कदम रखा था। अकबरपुर व महरुआ में दिलीप वर्मा गैंग के साथ मिलकर तीन वारदातों को अंजाम दिया था। हालांकि, पिता व भाई का कहना है कि इस बार संजीव को झूठा फंसाया गया। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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STF ने बदमाश संजीव को मुठभेड़ में मार गिराया। - फोटो : अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी.
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में यूपी एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में अंबेडकरनगर निवासी बदमाश संजय उर्फ संजीव मारा गया। इस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसने वर्ष 2011 में अयोध्या के दिलीप वर्मा के साथ मिलकर ताबड़तोड़ लूट व हत्याएं की थीं।

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जिले के अकबरपुर व महरुआ में लूट व तीन हत्याएं करके जरायम की दुनिया में अपना डंका बजाया। करीब 11 साल तक जेल में निरुद्ध रहने के बाद बाहर आया तो फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया। साथ ही प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करने लगा। एनकाउंटर के बाद मृतक के पिता व भाई झूठा फंसाने की दलील दे रहे हैं।

ससुराल में बीतता था अधिकांश समय

मूलरूप से अहिरौली थाना क्षेत्र के चककोडार गांव निवासी संजय उर्फ संजीव के विरुद्ध महरुआ में हत्या, लूट के दो व अकबरपुर में एक मामला दर्ज है। वह लगभग 12 वर्षों तक जेल में भी रहा। जेल से रिहा होने के बाद करीब तीन वर्षों से गांव में रह रहा था। हालांकि, उसका अधिकांश समय गोसाईगंज क्षेत्र के वंदनपुर स्थित अपनी ससुराल में बीतता था।

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बताया जा रहा है कि जेल से छूटने के बाद उसने फिर अपराध की दुनिया में जोर आजमाइश शुरू कर दी थी। एनकाउंटर की खबर अहिरौली पुलिस ने परिजनों को दी तो गांव में मातम पसरा गया। पिता हरिराम और भाई राज बब्बर ने कहा कि संजय इस समय प्रॉपर्टी डीलिंग के साथ चीनी मिल में पगास की ढुलाई का काम कर रहा था।

पिता-भाई बोले- इस बार झूठा फंसाया गया

परिजनों का कहना है कि संजय अब परिवार के भरण पोषण की ओर ध्यान दे रहा था। 21 अप्रैल को बहन रूपा की शादी में शरीक हुआ था। करीब 15 दिन से उसका फोन बंद आ रहा था। उसकी तलाश के प्रयास किए जा रहे थे। आरोप है कि संजीव को इस बार झूठा फंसाया गया है।

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