अंबेडकरनगर। भूमि के नाम पर हुई धोखाधड़ी में पूर्व विधायक पवन पांडेय के बाद एसटीएफ ने अब तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। इनमें नगर पालिका परिषद अकबरपुर के दो कर्मचारी भी शामिल हैं। इन पर मनममाने ढंग से परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने का आरोप है।
अकबरपुर कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी के एक बहुचर्चित मामले में एसटीएफ की लखनऊ इकाई ने तीन और आरोपियों को धरदबोचा है। बरवां नासिरपुर निवासी चंपा देवी ने बीते दिनों पूर्व विधायक पवन पांडेय व अन्य के खिलाफ करोड़ों की भूमि का लाखों में सौदा कर लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने अपने पुत्र अजय से भूमि का अनुबंध होने के बाद उसकी संदिग्ध दशा में मौत हो जाने तथा फर्जी ढंग से नीतू नामक महिला से अजय का विवाह दिखा देने का आरोप भी आरोप मढ़ा था। हाईकोर्ट की दखल पर मामले की विवेचना एसटीएफ लखनऊ ने संभाल ली थी।
इसी मामले में एसटीएफ ने बीते दिनों अकबरपुर निवासी पूर्व विधायक पवन पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब बृहस्पतिवार को एसटीएफ ने अकबरपुर नगरपालिका परिषद के दो कर्मचारियों सर्वेयर जयराम यादव तथा लिपिक अजय त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों की गिरफ्तारी उस समय की गई जब वह दोनों नगर पालिका कार्यालय में अपना काम निपटा रहे थे। दोनों पर आरोप है कि अजय की पत्नी के तौर पर नीतू का नाम दर्ज करने में नियमों का पालन नहीं किया गया।
एसटीएफ ने इसके साथ ही लखनऊ के अलीगंज निवासी आरोपी संतोष मिश्र को भी बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। उस पर अजय व नीतू के विवाह का फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करवाने का आरोप है। एसटीएफ ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके बाद अकबरपुर कोतवाली में विधिक प्रक्रिया पूरी कर कोर्ट में पेश किया। वहां से तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया।