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Ambedkar Nagar News: तीन वर्ष में नौ महिलाओं की नसबंदी फेल, सिर्फ एक को मिला मुआवजा

Sun, 16 Feb 2025 10:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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धर्मेंद्र प्रधान
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अंबेडकरनगर। जिले में पिछले तीन साल में दो हजार से अधिक नसबंदी की गई। असमें नौ केस अब तक असफल हुए हैं। कोई नसबंदी दो माह तो कोई एक साल में असफल हो गई। नसबंदी फेल हो जाने के बाद महिलाओं ने मुआवजे की मांग की है। इस पर एक को विभाग की ओर से मुआवजे की राशि मिल गई है। अन्य महिलाओं के मुआवजे के लिए शासन को डाटा भेजा गया है।
सरकार जनसंख्या नियंत्रण के लिए सालों से नसबंदी को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए समय-समय पर अस्पतालों में कैंप भी लगाए जाते हैं। इसके लिए महीनों से तैयारी और प्रचार प्रसार भी कराया जाता है। नसबंदी कराने पर सरकार की ओर से संबंधित को प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। नसबंदी फेल हो जाने पर अलग से धनराशि देने का नियम है। जिले में पिछले तीन वर्ष के अंतराल में स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर 2,159 महिलाओं की नसबंदी कराई थी। इसमें से नौ महिलाओं की नसबंदी फेल हो गई। चिकित्सक के अनुसार ऑपरेशन के समय जिस नस को काटा जाता है, उसे धागे से बांध दिया जाता है। वहीं उसके ढीले होने व खुलने की दशा में नसबंदी फेल हो जाती है। नसबंदी के फेल होने के मामलों को देखने के लिए जिला स्तर पर एक पैनल होता है, जो हर माह आने वाले ऐसे मामलों की मॉनिटरिंग करता है।
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60 हजार रुपये मिलता है मुआवजा

नसबंदी फेल होने की दशा में क्षतिपूर्ति के लिए पहले 30 हजार रुपये मिलते थे। 2019 के बाद से इसे 60 हजार रुपये कर दिया गया। अब तक एक महिला को मुआवजे का भुगतान किया गया है। आठ महिलाओं को मुआवजे का इंतजार है।

तीन साल के आंकड़े
साल फेल नसबंदी
2022-2023 01
2023-2024 04
2024-2025 04

मुआवजे के लिए भेजा गया है डाटा
जो नसबंदी फेल हुई हैं, उनमें से एक महिला को मुआवजा दिया गया हे। कुछ और महिलाओं की भी धनराशि भी आई है, जो जल्द भेज दी जाएगी। -डॉ. राजकुमार, सीएमओ
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