अंबेडकरनगर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए एक जनवरी से 100 दिनों का विशेष टीबी मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व संगिनी अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्येक घर जाकर टीबी के संभावित मरीजों को चिह्नित कर रही हैं। अब तक जिलेभर में 881 टीबी मरीज मिले हैं, जिनका निशुल्क इलाज शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा संदिग्ध मिले 2,81,984 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।
लक्ष्य के सापेक्ष अब महज 21 प्रतिशत लोगों की जांच बाकी रह गई है, जो जल्दी ही पूरा करने का दावा स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। घर-घर चल रहे अभियान में जिलेभर के 372 आयुष्मान आरोग्य मंदिर के सीएचओ सहित 2400 आशा कार्यकर्ता लगाई गई हैं। अभियान के तहत 60 साल से अधिक उम्र के लोग, कुपोषित, मधुमेह रोगी, धूम्रपान करने वाले, एचआईवी संक्रमित, इलाज कराने वाले टीबी रोगियों के साथ रहने वाले लोग, इलाज पूरा कर चुके टीबी रोगी शामिल किए गए हैं। इस बार जिले में लगभग साढ़े चार लाख मरीजों की जांच करने का लक्ष्य है, जिसमें 79 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो चुका है।
सीएमओ डाॅ. राजकुमार ने बताया कि टीबी रोग से बचाव के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जा रहे हैं। ग्रामीणों से अपील की जा रही कि स्वास्थ्य टीम लक्षणों की जानकारी देगी। ऐसे लक्षण वालों को अपनी जांच अवश्य करा लेनी चाहिए। टीबी पॉजिटिव पाए जाने पर मरीज को निशुल्क इलाज व प्रोत्साहन राशि का लाभ भी दिया जाने लगा है। निक्षय पोषण योजना के तहत मरीज को पोषण के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये मिलेंगे।
ऐसे हो रही है रोगियों की जांच
- मेडिकल मोबाइल यूनिट से गांवों में जाकर एक्सरे कराना
- ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर स्क्रीनिंग करना
- संभावित लोगों का बलगम का सैंपल लेकर सीबीनाॅट और ट्रूनाॅट से जांच कराना
- लक्षणों के आधार पर संभावित टीबी रोगियों की पहचान करना