अंंबेडकरनगर। शासन ने 10 हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये के भौतिक गैर न्यायिक स्टांपपत्रों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। साथ ही इन्हें वापस करने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया है। इस अवधि में अगर स्टांप वापस नहीं किए जाते हैं तो यह बेकार हो जाएंगे और इनका मूल्य भी नहीं मिलेगा।
वर्तमान में जिला कोषागार में करीब 38 करोड़ रुपये के बड़े स्टांप मौजूद हैं। 11 मार्च के बाद से ही 10 हजार, 15 हजार, 20 हजार रुपये व 25 हजार रुपये के स्टांप की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इन स्टांप की बिक्री बैनामा कराने वाले लोगों को की जाती है। वेंडरों को सिर्फ छोटे स्टांप ही दिए जाते हैं।
11 मार्च से पूर्व खरीदे गए स्टांप को 31 मार्च तक इस्तेमाल करने या इन्हें वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी ने स्टांप ले लिए और बैनामा नहीं हो पा रहा है तो वह 31 मार्च तक वापस कर सकते हैं। इसके बाद इन स्टांप की कीमत शून्य हो जाएगी।
एआईजी स्टांप पीसी यादव ने बताया कि भौतिक स्टांपपत्रों पर रोक लगने से ई स्टांप की बिक्री को प्रोत्साहन मिलेगा। स्टांप क्रय-विक्रय में पारदर्शिता बढ़ेगी। जिनके पास 10 से 25 हजार रुपये के स्टांप हैं, वह तत्काल संबंधित रजिस्ट्री दफ्तरों में वापस कर दें। वरिष्ठ कोषाधिकारी बृजलाल ने बताया कि रजिस्ट्री दफ्तरों से स्टांप वापस मिलने पर उनको भुगतान कर दिया जाएगा।