आलापुर। स्थानीय तहसील के उपनिबंधक कार्यालय के स्थानांतरण की भनक लगते ही स्टांप वेंडरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरु कर दी है। इससे सोमवार को पूरे दिन उपनिबंधक कार्यालय में ताला लटका रहा। स्टांप वेंडरों की मांग है कि सबसे पहले तहसील के बगल में स्थित उपनिबंधक कार्यालय भूमि की पैमाइश करायी जाए और उसे सुरक्षित किया जाए। उसके भवन निर्माण को प्राथमिकता दी जाए।
जब तक भवन नहीं बनता है, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में उपनिबंधक कार्यालय को तहसील के निचले हिस्से में शिफ्ट किया जाए और वेंडरों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वेंडरों की हड़ताल की सूचना पर तहसीलदार आलापुर व उपनिबंधक अधिकारी मौके पर पहुंचे। वेंडरों ने तहसीलदार को अपनी मांगों से संबंधित 6 सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा।
मालूम रहे कि आलापुर तहसील के अधिवक्ता लंबे समय से किराए के भवन में चल रहे उपनिबंधक कार्यालय को तहसील भवन में शिफ्ट किए जाने की मांग कर रहे हैं। पिछले दिनों तहसील के निरीक्षण पर आए मंडलायुक्त के समक्ष भी अधिवक्ता संघ अध्यक्ष केजी मिश्र समेत अन्य अधिवक्ताओं ने उपनिबंधक कार्यालय के स्थानांतरण की बात रखी थी। कहा था कि इससे सरकार का किराए के रूप में प्रतिमाह खर्च हो रहा हजारों रुपए बचेगा। मंडलायुक्त ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही इस समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद से तहसील प्रशासन उपनिबंधक कार्यालय को तहसील में शिफ्ट करने की कवायद में जुट गया था।
सोमवार को एक वाहन उपनिबंधक कार्यालय से सामान लेने के लिए पहुंचा था। इसकी भनक लगते ही स्टांप वेंडरों में आक्रोश भड़क गया। स्टांप वेंडरों ने तत्काल अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। स्टांप वेंडरों की मांग की है कि कार्यालय को स्थानांतरित करने से पहले तहसील के बगल स्थित कार्यालय की भूमि का सीमांकन कराया जाए, और उसे सुरक्षित किया जाए।
जब तक भवन नहीं बनता है तब तक कार्यालय को तहसील के निचले तल पर शिफ्ट किया जाए। जिससे बैनामा के लिए आने वाले वृद्ध, दिव्यांग व अन्य नागरिकों को दिक्कत न हो। इसके अलावा रिकार्ड रूम को भी भूतल पर ही बनाया जाए। जिससे दस्तावेजों के आदान प्रदान में दिक्कत न हो। वेंडरों के बैठने के लिए मंदिर के उत्तर तरफ परिसर में निर्धारित किया जाए।
वेंडरों के हड़ताल की खबर मिलते ही तहसीलदार आलोक रंजन सिंह, उपनिबंधक अधिकारी अभिषेक सिंह व आलापुर एसओ रामलखन पटेल मौके पर पहुंचे। काफी देर तक मान मनौव्वल का दौर चला, लेकिन बात नही बनी। वेंडरों ने अपनी मांगों से संबंधित 6 सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा। वेंडरों की हड़ताल से उपनिबंधक कार्यालय में पूरे दिन ताला लटका रहा। सूत्रों के मुताबिक इससे करीब 5 लाख रुपए के राजस्व की क्षति भी हुई।
मांगें नहीं मानीं तो होगा आंदोलन
मामले में राष्ट्रीय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान नेता सुरेश वर्मा ने राज्यपाल, सीएम व अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर उपनिबंधक कार्यालय के लिए भवन निर्माण कराए जाने की मांग की है। कहा कि तीन दिन के अंदर यदि इसका समाधान न किया गया तो अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरु होगा।