अंबेडकरनगर। विधानसभा निर्वाचक नामावलियों को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। चुनाव आयोग 22 वर्ष बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान शुरू करने जा रहा है। इससे न सिर्फ मतदाता सूची की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आगामी चुनावों में सूची को लेकर विवाद भी कम होंगे।
आयोग ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाकर वर्तमान सूची का मिलान करने का निर्णय लिया है। जिन लोगों के नाम दोनों सूचियों में दर्ज होंगे उन्हें बीएलओ के सामने किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। वहीं, जिनके नाम बाद के वर्षों में जुड़े हैं उन्हें अपने दस्तावेज पेश करने होंगे। इससे मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों की समस्या पर अंकुश लगेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने बीएलओ और सुपरवाइजरों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सभी बीएलओ को घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करने, मतदाताओं से उन्हें भरवाने और सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद यह डाटा डिजिटल रूप से अपलोड किया जाएगा। जिन मतदाताओं का नाम सूची से हटाया जाएगा उनके संबंधित अभिलेख भी सुरक्षित रखे जाएंगे।
लिंगानुपात और युवा मतदाता मुख्य फोकस
जिले में कई बूथ ऐसे हैं जहां लिंगानुपात संतुलित नहीं है। आयोग ने इन बूथों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। बीएलओ को समूहवार जाकर पात्र महिलाओं को मतदाता सूची में शामिल कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही 18 से 19 वर्ष के युवाओं को भी विशेष अभियान चलाकर निर्वाचक नामावली में जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
वर्जन
विशेष गहन पुनरीक्षण को पूरी पारदर्शिता से कराया जाएगा। जिन मतदाताओं के नाम 2003 की सूची में हैं उन्हें दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी। नए मतदाताओं को प्रमाणपत्र देना अनिवार्य रहेगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बीएलओ और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आयोग से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पुनरीक्षण कार्य शुरू होगा।
- महेश द्विवेदी, सहायक पंचायत निर्वाचन अधिकारी