जिला पंचायत सदस्य के 43 पद के लिए चार चरण में कराए गए चुनाव में नतीजे घोषित हो चुके हैं। जिले में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी को करारा झटका लगा है। सबसे ज्यादा फायदा बहुजन समाज पार्टी को हुआ है। अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा कर चुनाव लड़ने वाली बसपा ने 18 सीटों पर जीत दर्ज की है।
मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष व पूर्वमंत्री लालजी वर्मा की पत्नी शोभावती वर्मा एक बार फिर से जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव जीतने में सफल रही हैं। माना जा रहा है कि वे ही आगामी दिनों में होने वाले चुनाव में बसपा की तरफ से जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदार होंगी।
समाजवादी पार्टी के लिए यह चुनाव एक बड़ा सबक लेकर आया है। बिगड़े बोल के लिए लगातार चर्चा में आए टांडा विधायक अजीमुलहक पहलवान के विधानसभा क्षेत्र वाले टांडा व बसखारी विकास खंड की 9 सीट में से एक भी सीट पर सपा उम्मीदवार नहीं जीत सके। यहां सात सीटों पर बसपा ने कब्जा जमाया।
सपा नेत्री व राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त विद्यावती राजभर की पुत्री अन्नू राजभर अकबरपुर षष्टम से चुनाव मैदान में थीं, वह मुख्य लड़ाई में ही नहीं आ सकी। जलालपुर से चुनाव लड़ने वाले सपा नेता विधानचन्द्र चौधरी को प्रदेश के दुग्धविकास मंत्री व अकबरपुर विधायक राममूर्ति वर्मा का अत्यंत करीबी जाना जाता है।
उन्हें भी पराजय का मुंह देखना पड़ा। अकबरपुर की अधिकांश सीटों पर सपा कार्यकर्ताओं को पराजय ही मिली। जलालपुर में बसपा के वरिष्ठ नेता सुभाष राय इस बार जिला पंचायत की अपनी सीट बरकरार नहीं रख सके, तो वहीं आलापुर में वरिष्ठ सपा नेता प्रेमनरायण यादव भी पराजित हो गए।