जिला अस्पताल में भले ही साफ-सफाई व्यवस्था के नाम पर प्रतिमाह हजारों रुपये खर्च हो रहे हों लेकिन नतीजा सामने नहीं आ रहा है। अस्पताल परिसर की बात तो दूर वार्डों में भी नियमित तौर पर साफ-सफाई व दवाओं का छिड़काव न होने से लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है।
वार्डों से लगे गलियारे ज्यादा गंदगी की चपेट में हैं। कई जगह पान की पीक से दीवारें सनी पड़ी हैं। इससे लोगों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को जिला अस्पताल में मिले अभिषेक दुबे व संतोष वर्मा का कहना है कि यहां नियमित तौर पर सफाई का कार्य नहीं हो पा रहा है।
इससे मरीजों व तीमारदारों को गंदगी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की गई है।