शोभावती वर्मा को 13 वोट मिले, जबकि 10 वोट अवैध पाए गए। चुनाव को शांति पूर्ण ढंग से निपटाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। कलक्ट्रेट जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरीकेडिंग कर मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया था। जिला मुख्यालय के विभिन्न क्षेत्रों में वाहनों की सघन जांच भी की गई।
उधर बसपा प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर ने चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मामला उच्च न्यायालय ले जाने की चेतावनी दी है। कहा है कि नियमानुसार यहां अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा, क्योंकि बहुमत बसपा के साथ है।
जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर जीत हासिल करने के लिए सपा व बसपा नेताओं ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा था।
चुनाव के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी पर अंकुश के लिए बसपा प्रत्याशी की याचिका पर हाईकोर्ट ने वीडियोग्राफी के बीच चुनावी प्रक्रिया निपटाने का निर्देश दिया था। चुनाव को शांति एवं कुशलतापूर्ण ढंग से निपटाने के लिए प्रशासन ने भी आवश्यक तैयारियां एक दिन पूर्व बुधवार को ही पूर्ण कर ली थी।
कलेक्ट्रेट सभागार में होने वाले मतदान में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो, इसके लिए कलेक्ट्रेट की तरफ जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरीकेडिंग की गई थी, यहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। किसी को भी कलेक्ट्रेट से 200 मीटर की दूरी के अंदर जाने की इजाजत नहीं थी।
भारी गहमागहमी व कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुरुवार सुबह 10 बजे से मतदान शुरू हुआ, तो दोनों ही दलों की निगाहें मतदान पर लग गईं। एक तरफ जहां बसपा को जीत के लिए अपने जिला पंचायत सदस्यों पर पूरा भरोसा था, वहीं सपा को क्रॉस वोटिंग का सहारा था।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था एवं वीडियोग्राफी के बीच मतदान संपन्न हुआ।सभी की निगाहें तीन बजे से होने वाली मतगणना पर थी। जैसे जैसे मतगणना का समय निकट आ रहा था, दोनों दल के प्रत्याशियों व समर्थकों की धड़कन बढ़ती जा रही थी। परिणाम सामने आया तो सपा खेमे में उल्लास छा गया।
43 सदस्यीय जिला पंचायत सदस्य वाले जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा के के सुधीर सिंह उर्फ मिंटू को 20 वोट मिले जबकि बसपा की शोभावती वर्मा को 13 वोट मिले। समाजवादी पार्टी ने 7 वोट से जीत दर्ज कर जिपं अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। 10 वोट विभिन्न गड़बड़ियों के चलते अवैध घोषित किए गए।
सुरक्षा के रहे कड़े प्रबंध
जिपं अध्यक्ष पद के चुनाव को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। कलक्ट्रेट के चारों तरफ बैरीकेडिंग किए जाने के साथ ही कलक्ट्रेट से 200 मीटर की परिधि में जगह जगह पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी। कुल तीन लेवल पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।