अंबेडकरनगर। उपचुनाव में मतदान से पहले समाजवादी पार्टी ने प्रशासन पर मुस्लिम व पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को धमकाने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है। सपा प्रत्याशी शोभावती ने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए जानबूझ कर लाल पर्ची जारी की जा रही है। उधर, पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी कटेहरी में पुलिस द्वारा जारी एक लाल पर्ची को चुनाव आयोग व सुप्रीम कोर्ट से टैग कर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
सपा प्रत्याशी शोभावती ने चुनाव आयोग को भेजे पत्र में बताया कि कई थाना प्रभारी, सीओ तथा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी सपा कार्यकर्ताओं व समर्थकों को थाने बुलाकर भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए धमका रहे हैं। मुस्लिम आबादी से जुड़े मतदाताओं को भी डराया धमकाया जा रहा है। शिकायत की कि प्रचार के अंतिम दिन अन्य दलों को रैली निकालने की अनुमति दी गई लेकिन हमारी प्रस्तावित रैली को यातायात माह का हवाला देते हुए आयोजित करने की अनुमति नहीं दी।
आरोप लगाया कि पिछली बार जिन बूथों पर सपा जीती थी, वहां प्रशासन मतदान कम कराने की कोशिश में भी जुटा है। इसके लिए पोलिंग टीम में मुस्लिम, यादव एवं कुर्मी वर्ग के कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। वोटर लिस्ट से भी सपा समर्थक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। सपा समर्थक कार्यकर्ताओं, मतदाताओं व ग्राम प्रधानों को पुलिस लाल कार्ड जारी कर उनका उत्पीड़न भी कर रही है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इब्राहिमपुर थाने से जारी एक लाल कार्ड को टैग करते हुए लिखा है कि चुनाव में शासन प्रशासन पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाकर मतदान बाधित करने के लिए लाल कार्ड बांटकर दबाव बना रहा है। संविधान द्वारा दिए गए वोटिंग के अधिकार को छीनने का यह गैर कानूनी कृत्य है। सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि वह स्वत: संज्ञान लेते हुए पक्षपाती शासन प्रशासन को निष्पक्ष चुनाव कराने का निर्देश जारी करें।