राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। जगदीशपुर कादीपुर गांव में रविवार की देर रात संपत्ति विवाद के चलते एक युवक ने अपने पिता और ताऊ पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। घटना में दोनों सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को लखनऊ के केजीएमयू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। आरोपी बेटा प्रिंस मौर्य फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
घटना रविवार रात करीब दो बजे की बताई जा रही है। राम नारायण मौर्य (52) और उनके बड़े भाई ओम नारायण मौर्य (57) अपने घर के बरामदे में सो रहे थे, तभी अचानक गोलियों की आवाज से गांव गूंज उठा। ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने तक दोनों लहूलुहान हालत में पड़े मिले, जबकि आरोपी बेटा प्रिंस फरार हो चुका था।ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को पहले सीएचसी जहांगीरगंज, फिर मेडिकल कॉलेज अकबरपुर और वहां से हालत नाजुक होने पर लखनऊ रेफर कर दिया। गांव में घटना के बाद से दहशत का माहौल है।
पारिवारिक विवाद से उपजा खूनी संघर्ष
ओम नारायण की पत्नी उनसे काफी समय पहले अलग रह रही हैं और उनकी कोई संतान नहीं है। वहीं राम नारायण की पत्नी कंचन पिछले सात-आठ वर्षों से मायके बेवाना के अम्मरपुर में रह रही हैं, जहां पुत्र प्रिंस मौर्य और पुत्री भी रहते हैं। जानकारी के अनुसार दोनों भाइयों ने अपनी पैतृक संपत्ति दिल्ली में रहने वाली बहन सरस्वती के नाम कर दी थी। इसी बात से नाराज प्रिंस संपत्ति पर दावेदारी कर रहा था। थानाध्यक्ष अक्षय पटेल के मुताबिक, इसी रंजिश में प्रिंस ने पिता और ताऊ पर फायरिंग की है।
पहले ताऊ, फिर पिता पर की फायरिंग
घायल राम नारायण ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रात करीब दो बजे उनके बेटे प्रिंस ने पहले ताऊ ओम नारायण पर गोली चलाई। आवाज सुनकर जब वे बाहर आए तो उन पर भी गोलियां दाग दीं। सीओ प्रदीप सिंह चंदेल ने बताया कि घटनास्थल से कारतूस के खोखे बरामद किए गए हैं और उन्हें जांच के लिए भेजा गया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमले में किस असलहे का इस्तेमाल हुआ।
चार से पांच राउंड फायरिंग की पुष्टि
पड़ोसियों के अनुसार, ओम नारायण को पेट में और राम नारायण को कंधे, पीठ व गर्दन के आसपास गोलियां लगीं। पुलिस ने मौके से चार से पांच कारतूस के खोखे बरामद किए हैं, हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि फायरिंग इससे अधिक राउंड में हुई। पुलिस का कहना है कि कारतूस के खोखे छोटे हैं, ऐसे में लगता है कि पिस्टल से गोली चलाई गई है। इसकी जांच की जा रही है।