सद्दरपुर। जहांगीरगंज क्षेत्र के करमैतेपुर गांव में बृहस्पतिवार को रामरतन कन्नौजिया (22) ने अपनी मां को बिजली के करंट से बचाने के प्रयास में अपनी जान गंवा दी। इस दुखद हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
करमैतेपुर गांव निवासी रिंकू के मुताबिक उनके छोटे भाई रामरतन कन्नौजिया बृहस्पतिवार को घर पर खाना खा रहे थे। इसी दौरान उनकी मां ज्ञानमति देवी फर्राटा पंखे को चलाने के लिए बोर्ड में बिजली का तार जोड़ने लगीं। तार जोड़ते समय एक तार छूटकर उनके हाथ में चिपक गया और वह करंट की चपेट में आ गईं। यह देखकर रामरतन तुरंत अपनी मां को बचाने पहुंचे। इस दौरान बिजली का तार छिटक कर रामरतन के हाथ में चिपक गया और वह गंभीर रूप से झुलस गए।
घर पर मौजूद अन्य लोगों ने तुरंत बिजली काटने की कोशिश की लेकिन तब तक रामरतन बेहोश हो चुके थे। परिजनों ने आननफानन रामरतन को एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक रामरतन के पिता योगेंद्र कन्नौजिया की करीब सात साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। रामरतन नौ भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। इसी वर्ष उन्होंने ककरही किशुनपुर मांडरमऊ स्थित विद्यालय से बीकॉम की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और अब वह नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। उनके बड़े भाई पप्पू, प्रदीप, संजय, राजदीप, संतोष और शिवचरन मजदूरी करते हैं। रामरतन के बड़े भाई रिंकू और शशिकांत भी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में थे।
बेटे की इस अचानक और दर्दनाक मौत ने परिवार की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। बेटे की मौत से मां ज्ञानमति देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका यह करुण क्रंदन सुनकर वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। थानाध्यक्ष रितेश पांडेय ने बताया कि करंट लगने से मौत हुई है। विधिक कार्रवाई की जा रही है।