अंबेडकरनगर। घर के पास ही मरीजों को उपचार मिल सके, इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। जहां पर मरीजों को दवाओं के साथ ही उनकी सेहत की जांच भी होती है। लेकिन इन दिनों जिले में यह स्वास्थ्य मेला महज औपचारिकताओं में सिमट कर रहा गया है। रविवार को आयोजित स्वास्थ्य मेले में किसी केंद्र परइलाज होता मिला, तो कहीं पर चिकित्सक नदारद रहे।
लगातार पड़ रही गर्मी के कारण मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। 36 स्वास्थ्य केंद्रों पर 3,044 मरीजों का उपचार किया गया। जिसमें सबसे अधिक पेट रोग के ग्रसित 390 रोगी पहुंचे। वहीं, त्वचा से संबंधित 85 मरीजों ने उपचार कराया।
केस - एक
जलालपुर क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बडेपुर में चिकित्सकों की लापरवाही देखने को मिली। स्वास्थ्य मेले में इलाज के लिए सुबह अस्पताल में मरीजों तो पहुंचे, लेकिन चिकित्सक के न होने के कारण बिना इलाज के ही वापस जाना पड़ा। यहां पर सुबह 11:27 बजे तक चिकित्सक डॉ. ओम विकास मिश्रा नदारद मिले। मौके पर केवल एलटी अखिलेश वर्मा मौजूद रहे।
केस - दो
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ब्राहिमपुर कुसमा में काफी संख्या में मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। यहां पर चिकित्सक मरीजों का उपचार करते मिले। रामजनम वर्मा ने बताया कि उन्हें शुगर की समस्या थी, जिसकी जांच कराकर दवा लेने आए थे।
केस - तीन
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नसीरपुर में डॉ. साक्षी पांडेय मरीजों का उपचार करते मिले। यहां पर मरीजों की काफी अधिक संख्या रही। मरीजों के अनुसार चिकित्सक ने दवाएं तो दे दीं, लेकिन जांच नहीं हो पाई। इसके लिए जिला मुख्यालय या फिर निजी केंद्र जाना पड़ेगा। इलाज कराने आईं कटारिया बड़ागांव निवासी रूबी, अमित वर्मा सहित अन्य मरीजों ने बताया कि अस्पताल में जांच न होने से काफी असुविधा होती है।
जो भी चिकित्सक डयूटी से गायब रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी भी कीमत पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, जहां पर जांच की सुविधा नहीं है, उसके संबंध में पत्राचार किया जाएगा।
- संजय कुमार शैवाल, सीएमओ