अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में वैक्सीन लगवाने के लिए लगी लंबी लाइन।
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अंबेडकरनगर। वैक्सीन जरूर लग जाए, चाहे कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां क्यों न उड़ जाएं। कुछ ऐसी ही आपाधापी शुक्रवार को जिला अस्पताल में देखने को मिली। कोरोना का टीका लगवाने के लिए बड़ी संख्या में 18 से 40 वर्ष वाले लोग शुक्रवार को अस्पताल पहुंच गए। टीका लगवाने की आपाधापी ऐसी कि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा दी गईं। जिम्मेदारों को भी इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराने की सुध नहीं रही। उधर, जिले के अन्य केंद्र के बूथों पर भी कुछ इसी प्रकार का दृश्य देखने को मिला।
कोरोना से जिले को मुक्त करने के लिए वैक्सीन टीकाकरण अभियान में तेजी आ गई है। एक जून से मेगा टीकाकरण अभियान चल रहा है। इस दौरान 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग वालों को भी टीका लगाए जाने का कार्य प्रारंभ हो गया है। नतीजा यह है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में युवा वर्ग टीका लगवाने के लिए संबंधित बूथों पर पहुंच रहा है।
सुचारु रूप से टीका लगाए जाने का दावा तो स्वास्थ्य विभाग कर रहा है, लेकिन टीका लगवाने में युवाओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रजिस्ट्रेशन कराने पर जो तारीख दी जा रही हे, उस तारीख पर टीका लगवाने के लिए पहुंचने वालों की तुलना में ज्यादातर को मायूस होना पड़ रहा है। इसका कारण स्लॉट की बुकिंग न होना बताया जा रहा है।
इतना ही नहीं, लापरवाही का आलम यह है कि टीका लगवाने के लिए लाइन में लगने वालों से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन भी नहीं कराया जा रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में टीका लगवाने के लिए सुबह से बड़ी संख्या में लोग लाइन में लग गए। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्ज्यिां उड़ाई गईं।
टीका लगवाने की आपाधापी ऐसी कि लोग एक-दूसरे से धक्कामुक्की करने से भी परहेज नहीं कर रहे थे। इन सबके बावजूद जिम्मेदारों द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उधर, सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि न सिर्फ सुचारु रूप से टीकाकरण अभियान चल रहा हे, बल्कि कोरोना प्रोटोकॉल का भी पूरी तरह से पालन कराया जा रहा है।