स्थानीय विद्युत उपकेंद्र के इनकमिंग पैनल में बुुधवार शाम सांप के घुस जाने से आपूर्ति अचानक ठप पड़ गई। इससे पतौना व नसीरपुर फीडर से जुड़ी लगभग 20 हजार आबादी को लगभग 15 घंटे तक विद्युत आपूर्ति से वंचित रहना पड़ा। गुरुवार सुबह गड़बड़ी दूर कर आबादी बहाल की जा सकी। विद्युत उपकेंद्र महरुआ से जुड़े उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
कभी फीडर में खराबी के चलते उपभोक्ताओं को आपूर्ति नहीं मिल पाती तो कभी तार टूटने व ट्रांसफार्मर फुंकने की वजह से। आपूर्ति व्यवस्था की बदहाली के चलते कई बार उपभोक्ता उपकेंद्र का घेराव व प्रदर्शन भी कर चुके हैं लेकिन पावर कॉर्पोरेशन की उदासीनता के चलते न तो फीडरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है और न ही अन्य समस्याओं की तरफ ही ध्यान दिया जा रहा है।
ऐसे में इसका खामियाजा आए दिन उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। रख-रखाव को लेकर भी लापरवाही का आलम अक्सर दिखाई देता है। ऐसी ही स्थिति एक बार फिर उपभोक्ताओं के समक्ष उत्पन्न हो गई है। बुधवार शाम करीब सात बजे उपकेंद्र के इनकमिंग पैनल में शार्ट-सर्किट हो गई। इससे पतौना व नसीरपुर फीडर से जुड़े इलाकों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ गई।
अवर अभियंता व अन्य कर्मियों ने गड़बड़ी का पता लगाने का प्रयास किया तो मालूम हुआ कि जब विद्युत आपूर्ति रूटीन के तहत ठप थी, उसी समय इनकमिंग पैनल में सांप घुस गया। बाद में शाम छह बजे के करीब जब आपूर्ति आई तो शार्ट-सर्किट के चलते ही दोनों फीडर की आपूर्ति अचानक ठप हो गई।
इसके चलते महरुआ, रामपुर नोन्सिला, कसड़हा, लोकनाथपुर, नरसिंहदासपुर, हीड़ी, मंशापुर, बरामदपुर व पांती समेत लगभग चार दर्जन गांवों की आपूर्ति बाधित हो गई। लगभग 20 हजार आबादी को लगभग 15 घंटे तक विद्युत आपूर्ति से वंचित रहना पड़ा।
उपभोक्ता गौरीशंकर, अभिमन्यु सिंह, सत्यव्रत सिंह, विजयधारी, मिंटू व संजीव आदि ने बताया कि अक्सर इसी तरह की गड़बड़ी यहां उत्पन्न होती रहती है। बहरहाल गुरुवार सुबह साढ़े नौ बजे के करीब इनकमिंग पैनल की खराबी को दूर कर आपूर्ति बहाल की गई। उधर, जेई गयादीन ने बताया कि सांप के इनकमिंग पैनल में घुस जाने की वजह से शार्ट-सर्किट हो गया था। अब आपूर्ति बहाल कर दी गई है।