राजेसुल्तानपुर/विद्युतनगर। सरयू नदी के जलस्तर में रविवार को केवल दो सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। इसके बावजूद नदी के निचले इलाकों में बाढ़ का असर कम नहीं हुआ है। आलापुर तहसील क्षेत्र के आराजी देवारा में बंधे के किनारे निचले हिस्सों में पानी पहुंच गया है। इससे धान की फसलें डूबने लगी हैं और करिया लोनिया का पूरा मजरा भी पानी की चपेट में आने लगा है।
रविवार को सरयू नदी का जलस्तर 84.90 मीटर से घटकर 84.88 मीटर दर्ज हुआ। 24 घंटे में यह कमी सिर्फ दो सेंटीमीटर रही। नदी अभी खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद नदी का पानी निचले रास्तों से आराजी देवारा के बंधे तक पहुंचा है। बंधे के किनारे लगी धान की फसलें पानी में डूबने लगी हैं। करिया लोनिया का पूरा मजरा भी पानी से घिरने के कगार पर है। मांझा क्षेत्र में नदी किनारे कटान लगातार जारी है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है। इस कारण कई निचले इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
टांडा तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे स्थित उल्टहवा माझा बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गया है। ग्राम प्रधान शिव प्रसाद ने बताया कि पानी अभी गांव के पुरवों में दाखिल नहीं हुआ है। यहां के तीन नालों के जरिये पानी पगडंडियों और खेतों की ओर रुख कर रहा है। सरपहिया का पूरा, सप्तहिया का पूरा, जालिम का पूरा, मुसमौलिया का पूरा, दिलसेन का पूरा, बाबूराम का पूरा और केवटाही के कच्चे मार्गों पर कीचड़ और जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ है। माझा कला, माझा चिंतौरा, केवटला, नदी नसरुल्लापुर, अवसानपुर, नैपुरा, सलोनाघाट, ढेलमऊ, फूलपुर और डुहिया समेत करीब डेढ़ दर्जन गांवों के लोगों की निगाहें सरयू के जलस्तर पर टिकी हैं। इन गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। ग्रामीण लगातार नदी के हालात पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन भी इन क्षेत्रों में स्थिति का आकलन कर रहा है। इन क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
सक्रिय हुईं बाढ़ चौकियां, तटबंधों की निगरानी
स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। राजस्व टीमों को भी सतर्क रखा गया है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। एसडीएम आलापुर धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सरयू का जलस्तर लगातार घट-बढ़ रहा है, लेकिन नदी अभी खतरे के निशान से नीचे है। निचले हिस्सों में बंधे के किनारे पानी पहुंचा है, फिलहाल इससे किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं एसडीएम टांडा संजीव सिंह के अनुसार सरयू का जलस्तर कुछ बढ़ने के बाद स्थिर है। नदी के जलस्तर के साथ तटबंधों की निगरानी की जा रही है।