आदेश में कहा है कि यदि अर्थदंड की रकम न जमा की गई तो 6 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
जानकारी के अनुसार अकबरपुर कोतवाली के तत्कालीन कोतवाल सत्यनरायण गुप्त ने 18 अगस्त 2008 को स्वयं कोतवाली में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि आजमगढ़ जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र के नेवादा गांव निवासी हिटलर उर्फ टेलर कसाई पुत्र इरशाद अपराध करने वाले गैंग का लीडर है।
गैंग के सदस्यों व उसके द्वारा क्षेत्र में कई अपराधिक घटनाएं की जा चुकी हैं। इसके साथ अपराधिक घटनाओं में अकबरपुर थाना क्षेत्र के शहजादपुर छवनिया निवासी झिनकान पुत्र अच्छेलाल सोनकर भी रहता है। गैंग अपने आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए हत्या जैसे जघन्य अपराध करते रहते हैं।
दिनांक 16 मई 2008 को गैंग द्वारा मेवालाल नाम के एक व्यक्ति की हत्या भी कर दी गई। इस मामले में एससी एसटी एक्ट सहित हत्या की प्राथमिकी भी दर्ज है। इन दोनों के विरुद्घ गैंगेस्टर एक्ट का अपराध भी बनता है। गत 14 अगस्त 2008 को जिलाधिकारी द्वारा गैंगचार्ट भी अनुमोदित कर दिया गया है।
गैंगेस्टर के इसी मामले में गुरुवार को अपर जिला जज चतुर्थ/गैंगेस्टर जज स्पेशल अनिल कुमार ने दोनों अभियुक्तों को 6-6 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों अभियुक्तों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। आदेश में कहा कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में 6-6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भोगना होगा।