कार्यालय के मुख्य गेट का ताला उनके पहुंचने के बाद खुल सका। कुछ कर्मचारी ताला खुलने के इंतजार में गेट के बाहर भी खड़े हुए थे। उन्होंने देर से पहुंचे छह कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। इसके साथ ही वरन स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
कृषि भवन के समक्ष बुधवार को अपनी समस्याओं को लेकर तमाम किसान व अन्य लोग पहुंचने लगे थे। कार्यालय में कार्य करने वाले कुछ कर्मचारी भी समय पर पहुंच चुके थे। घड़ी की सुई ने धीरे धीरे साढ़े दस बजा दिया, लेकिन कार्यालय के मुख्य गेट का ताला नहीं खुल सका था।
कार्यालय खोलने वाले चौकीदार चंद्रकेश का कुछ पता नहीं था। इस बीच बाहर खड़े कर्मचारियों व अन्य लोगों का धैर्य जवाब दे गया। किसी ने दूरभाष पर इसकी जानकारी उपकृषि निदेशक विनोद कुमार को दिया। जानकारी होने पर उपकृषि निदेशक श्री कुमार कार्यालय पहुंचे।
वहां का दृश्य देखकर वे सन्न रह गए। कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ था और उसके बाहर कुछ कर्मचारी व अन्य लोग खड़े थे। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की।
थोड़ी देर बाद पहुंचे चौकीदार ने कार्यालय का ताला खोला तब जाकर कर्मचारी कार्यालय के अंदर जा सके। नाराज उपकृषि निदेशक ने जांच में पाया कि समय पर न तो चौकीदार चंद्रकेश पहुंच सका और न ही विश्वामित्र पटेल, दिलीप कुमार गुप्ता, निधि सारस्वत, अनिल कुमार व आनंद कुमार ही पहुंच सके थे।
इस पर उन्होंने देर से पहुंचे कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश देते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। उपकृषि निदेशक श्री कुमार ने बताया कि वे जब कार्यालय पहुंचे, तो कार्यालय का मुख्य गेट खुला हुआ था। निरीक्षण में जो कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे तो उनके विरुद्ध एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई के साथ साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है।
उन्होंने साढ़े दस बजे तक गेट बंद होने से इंकार किया है। उधर सूत्रों के अनुसार निरीक्षण के दौरान जिला कृषि अधिकारी कार्यालय भी साढ़े दस बजे तक नहीं खुल सका था।