अंबेडकरनगर। पिछले 15 वर्ष में छह लोकसभा और 20 राज्यसभा सदस्यों ने अपनी निधि से करीब 63.92 करोड़ रुपये जिले के विकास पर खर्च किए। सांसदों ने निर्माण से लेकर लोगों के इलाज समेत अन्य मदों के लिए धनराशि मुहैया कराई। अब केंद्र सरकार ने सांसदों की ओर से खर्च की गई धनराशि का ब्योरा मांगा है। इसमें किस मद में कितनी धनराशि खर्च हुई है, इसके लिए अलग-अलग प्रारूप तैयार किए गए हैं। शासन से निर्देश प्राप्त होने के साथ ही विभाग ने ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है।
वर्ष 2009 से लेकर वर्ष 2014 तक अंबेडकरनगर सांसद राकेश पांडेय को करीब 16.56 करोड़ की निधि प्राप्त हुई थी। इसमें करीब एक करोड़ 69 लाख रुपये से दूसरे जनपदों में कार्य कराए गए थे। संतकबीरनगर सांसद भीष्मशंकर उर्फ कुशल तिवारी ने वर्ष 2010-11 से 2013-14 तक दो करोड़ रुपये की निधि खर्च की। वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक सांसद हरीओम पांडेय को 25 करोड़ रुपये की निधि मिली थी। इसके मुकाबले उन्होंने पांच करोड़ पांच लाख रुपये दूसरे जनपद में खर्च किए। संतकबीरनगर सांसद शरद त्रिपाठी ने 2014 से 2020 के मध्य 6.20 लाख रुपये की लागत से विकास कार्य कराए। वर्ष 2019-20 से 2024 तक सांसद रितेश पांडेय ने प्राप्त 16.50 करोड़ की निधि से 1.95 करोड़ दूसरे जनपद व शेष धनराशि जिले के विकास पर खर्च की। संतकबीरनगर सांसद प्रवीण कुमार निषाद ने अपने लोकसभा क्षेत्र में आने वाले इलाकों के विकास पर वर्ष 2022-23 में 82.24 लाख व 2023-24 में 162.24 लाख रुपये खर्च किए। (संवाद)
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इन सांसदों ने जिले के विकास में ली दिलचस्पी
राज्यसभा सांसद कलराज मिश्र, अमर सिंह, बृजलाल खाबरी, भगवती सिंह, बृजभूषण तिवारी, महमूदद असअद मदनी, विनय कटियार, रामनरायन साहू, राजाराम, वीरेंद्र भाटिया, कुसुम राय, अरविंद कुमार सिंह, मुनव्वर सलीम, किरनमय नंदा, रामगोपाल यादव, मनोहर पर्रीकर, चंद्रपाल सिंह यादव, संजय सेठ व सुरेंद्र सिंह नागर।
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वर्जन
निर्धारित प्रारूप पर तैयार होगी सूचना
केंद्र सरकार के सांख्यिकी ग्रामीण विकास मंत्रालय विभाग से 2009 से अब तक लोकसभा व राज्यसभा सदस्यों की ओर से खर्च की गई निधि का ब्योरा मांगा गया है। निर्धारित प्रारूप पर सूचना तैयार कराई जा रही है।
- आनंद कुमार शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी