कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में अधिकारियों संग दाखिला कराने पहुंचीं सगी बहनें - स्रोत स्वंय
नवरात्र के पहले दिन प्रशासन ने किया सराहनीय कार्य, जलालपुर स्थित केजीबीवी में कराया दाखिला, बालिग होने पर कराया जाएगा विवाह
अमर उजाला फॉलोअप
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। नवरात्र के पहले दिन जिला प्रशासन ने सराहनीय कार्य किया है। आर्थिक तंगी की वजह से अनाथालय भेजने की मांग करने वाली सगी बहनों को जिला प्रशासन से बड़ी मदद मिली है। अधिकारियों ने जलालपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में बृहस्पतिवार को दाखिला करा दिया। उधर डीएम ने कहा है कि बालिग होने पर दोनों किशोरियों के विवाह का जिम्मा भी प्रशासन संभालेगा।
अमर उजाला ने बीते दिनों खबर प्रकाशित की थी कि मालीपुर थाना क्षेत्र के धवरुआ निवासी दो सगी बहनों करिश्मा (14) व तान्या (12) ने आर्थिक तंगी की वजह से खुद को अनाथालय या सुधारगृह भेज देने की मांग की है। दरअसल किशोरियों के पिता, बड़ी बहन व भाई का बीमारी के चलते निधन हो चुका है। इनकी मां वर्षों पहले कहीं जा चुकी हैं। दोनों बहन अनाथ होकर अपने चाचा के साथ रह रही थीं। वहां आर्थिक तंगी से परेशान होकर दोनों ने प्रशासन से मदद मांगी थी।
प्रशासन ने इसका संज्ञान लेते हुए तय किया कि दोनों को आवासीय विद्यालय भेजा जाएगा। यह निर्णय भी एक दिन पहले सिर्फ अमर उजाला ने सार्वजनिक किया। इसी क्रम में डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर एसडीएम जलालपुर पवन जायसवाल, बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बृहस्पतिवार को दोनों किशोरियों को साथ लेकर उनका जलालपुर स्थित कस्तूरबा विद्यालय में दाखिला कराया। वार्डन ममता वर्मा एवं रुचि वर्मा की मौजूदगी में तान्या का प्रवेश कक्षा छह जबकि करिश्मा का प्रवेश कक्षा सात में हुआ। विद्यालय पहुंचकर दोनों बहनें काफी खुश नजर आईं।
इससे पहले दोनों किशोरियों के साथ आए उनके चाचा राजकुमार सोनी व ग्राम प्रधान अनिल कुमार सैनी ने लिखित रूप से दिया कि इनकी शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था प्रशासन कराए। इस मौके पर खंड शिक्षाधिकारी मीनाक्षी सिंह समेत कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। उधर देर शाम डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि नवरात्र के पहले दिन मातृ शक्ति का सम्मान करते हुए यह प्रवेश विद्यालय में कराया गया है। वहां अब दोनों छात्राओं को कोई दिक्कत नहीं होगी। बालिग होने पर उनका विवाह भी प्रशासन की तरफ से धूमधाम से कराया जाएगा। स्कूल प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि दोनों छात्राओं को कोई असुविधा न होने पाए।