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Ambedkar Nagar News: बिन खेल शिक्षक कैसे निखरें बच्चों की खेल प्रतिभाएं

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अंबेडकरनगर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में खेल-कूद प्रतियोगिताएं अब सिर्फ फर्ज अदायगी बनकर रह गई हैं। खेल शिक्षक हैं नहीं और खेलों में हिस्सा भी लेना है। ऐसे में शिक्षकों के अभाव में शुरू होने वाले इन मुकाबलों का रिजल्ट क्या होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। इस बार भी कुछ विद्यालयों के होनहार बिना शिक्षक के ही खेल प्रतिभाओं में अपना दम दिखाएंगे।
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जिले में कुल 32 राजकीय और 60 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इसमें विद्यार्थियों की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए कुल 20 विद्यालयों में ही खेल शिक्षक की तैनाती है। ऐसे में जिले तीन चौथाई से अधिक विद्यालयों में खेल शिक्षकों की कमीं से प्रतिभाएं दम तोड़ रहीं हैं। विद्यालयों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए लगातार निर्देश दिया जाता है लेकिन स्कूल स्तर पर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं।
एक खेल शिक्षक ने बताया कि जो शिक्षक हैं भी वह भी संबंधित विद्यालयों में विषयवार अध्यापक की कमी के चलते खेल के बजाय अन्य विषयों की पढ़ाई करा रहे हैं। इतना ही नहीं ज्यादातर विद्यालय में खेल मैदान ही नहीं है। इस बीच शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिए खेल कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया है। जनपदीय प्रतियोगिता का आयोजन 26 जुलाई से शुरू हो रहा है। पहले दिन हाॅकी, दूसरे दिन तैराकी , वाटर पोल,29 को बैडमिंटन एव टेबल टेनिस ,30 को फुटबाल , दो अगस्त को कबडडी के बाद 21 सितंबर तक अन्य खेलों का आयोजन होगा।
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दिए गए आवश्यक निर्देश
खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए सभी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जहां खेल शिक्षकों की तैनाती नहीं हैं वहां जो शिक्षक खेल में रुचि रखते हैं, उन्हें जिम्मेदारी दिए जाने को कहा गया है। निरीक्षण में कोई खेल मैदान अव्यवस्थित पाया गया या खेल गतिविधियां नहीं पाई गईं तो कार्रवाई होगी। - गिरीश कुमार सिंह, डीआईओएस
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