पीएचसी में निरीक्षण के दौरान जानकारी लेते सीएमओ।
- फोटो : स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री।
अंबेडकरनगर। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले की हकीकत परखने के लिए सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल ने रविवार को चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई केंद्रों पर गंभीर खामियां सामने आईं। मुंडेरा पीएचसी में निरीक्षण के दौरान महज 60 दवाएं ही उपलब्ध पाई गईं, जिस पर सीएमओ ने नाराजगी जताई।
इसके बाद सीएमओ ने हंसवर पीएचसी का निरीक्षण किया, जहां मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन दवाओं की उपलब्धता संतोषजनक पाई गई। वहीं लखनपट्टी पीएचसी में भी कुछ दवाओं की कमी मिली, जिसे शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के क्रम में सीएमओ गोबिंद साहब मेले में बने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां व्यवस्थाएं तो ठीक मिलीं, लेकिन मेला ड्यूटी में तैनात चिकित्सक डॉ. ओम विकास मिश्रा मौके से नदारद पाए गए। जांच में सामने आया कि चिकित्सक लगातार तीन दिनों से अनुपस्थित हैं। इस पर सीएमओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए नदारद चिकित्सक का तीन दिन का वेतन रोक दिया और स्पष्टीकरण तलब किया। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि जहां-जहां दवाओं की कमी पाई गई है, वहां तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उधर एसीएमओ डॉ. रामानंद सिद्धार्थ ने ब्राहिमपुर कुसमा पीएचसी का निरीक्षण किया, जहां न तो कोई विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद मिला और न ही आशा कार्यकर्ता। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई।
ठंड का असर, आरोग्य मेले में घटे मरीज, सांस व हार्ट रोगी बढ़े
अंबेडकरनगर। कड़ाके की ठंड का असर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों में भी साफ नजर आया। सीएचसी और पीएचसी पर दोपहर तक मरीजों की संख्या कम रही। इस बार कुल 1434 रोगियों का इलाज किया गया, जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा दो हजार के आसपास रहता है। मेले में सांस के 434, आंख के 13, बुखार के 140 और त्वचा रोग के 127 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इसके अलावा 40 टीबी के संभावित मरीज भी चिन्हित किए गए। डॉक्टरों ने बताया कि सर्दी के कारण सांस और हृदय रोगियों की संख्या बढ़ रही है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों में। उन्होंने बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए कहा कि सीने में दर्द या सांस की परेशानी को कतई नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।