अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल से जुड़े टीबी के गंभीर 200 मरीजों की मुश्किल बढ़ गई हैं। टीबी के गंभीर मरीजों को दी जाने वाली साइक्लोसिरिन दवा मंगलवार को समाप्त हो गई। इससे अस्पताल पहुंचे मरीजों को मायूस लौटना पड़ा।
टीबी मरीजों को सुचारु रूप से दवाएं उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। टीबी रोग से ग्रसित मरीजों को उपलब्ध होने वाली दवाएं जिला अस्पताल के साथ-साथ सीएचसी व पीएचसी पर भी अकसर खत्म हो जाती हैं। इससे सरकारी अस्पतालों से जुड़े टीबी मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
जिला क्षयरोग कार्यालय के अनुसार सरकारी अस्पताल से लगभग 2600 टीबी मरीज जुड़े हुए हैं। इसमें से लगभग 200 टीबी के गंभीर मरीज जिला अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। सीएचसी व पीएचसी पर तो टीबी की पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं लेकिन टीबी के गंभीर मरीजों को उपलब्ध होने वाली साइक्लोसिरिन दवा जिला अस्पताल में मंगलवार को समाप्त हो गई। इसके अलावा क्लोफाजिमिन व लीजोलीनिड दवाएं भी कम हो गई हैं। मंगलवार को मरीज दवाएं लेने जिला अस्पताल पहुंचे तो उन्हें दवाएं नहीं मिल सकीं।
मेडिकल स्टोर से लेनी पड़ी दवा
मंगलवार को टीबी की दवा लेने के लिए बसखारी से आए मरीज को जिला अस्पताल से अन्य दवाएं तो मिल गईं लेकिन साइक्लोसिरिन नहीं मिली। इस पर संबंधित मरीज को मेडिकल स्टोर से संबंधित दवा लेनी पड़ी। मरीज ने कहा कि मेडिकल स्टोर से 600 रुपये में 10 टेबलेट खरीदनी पड़ीं। इसी प्रकर से दो अन्य मरीजों को भी संबंधित दवा बाहर से खरीदने को मजबूर होना पड़ा।
सीएमओ को भेजा गया पत्र
टीबी के गंभीर मरीजों को दी जाने वाली दवाएं जिला अस्पताल में समाप्त हो गई हैं। इनकी उपलब्धता के लिए सीएमओ को पत्र भेजा गया है। - डॉ. एमएच सिद्दीकी, अपर सीएमओ