समायोजन रद होने से आंदोलित शिक्षामित्र अवकाश के बावजूद रविवार को कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चित कालीन धरने पर डटे रहे। उन्होंने अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कहा गया कि उनकी मांग के संबंध में शीघ्र ही प्रदेश सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो बड़ा आंदोलन करेंगे।
शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में चल रहे धरने के दौरान प्राथमिक शिक्षामित्र संघ जिलाध्यक्ष केके द्विवेदी ने कहा कि समायोजन रद होने से शिक्षामित्रों के समक्ष कई समस्याएं खड़ी हो गई हैं। अधिक उम्र वाले शिक्षामित्रों का भविष्य अंधकारमय दिख रहा है। परिवार सदमे में हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार को उनके हित को देखते हुए आवश्यक कदम उठाना चाहिए।
शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन जिलाध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा ने कहा कि 14 वर्ष से स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षामित्रों को एक झटके में सड़क पर ला दिया गया। इसके विरुद्ध बड़ा संघर्ष छेड़ा जाएगा। शिक्षामित्र कल्याण समिति जिलाध्यक्ष रामचंदर मौर्य ने कहा कि सदमे में शिक्षामित्रों द्वारा घातक कदम उठाने की आशंका है।
ऐसे में प्रदेश सरकार को विशेष विधेयक लाकर समाधान करना चाहिए। चेतावनी दी कि शीघ्र ही उनकी मागों का निस्तारण नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान ज्ञानेंद्र मणि, मंशाराम, अनुप तिवारी, विजयदीप, दिनेश तिवारी, रामसुभग वर्मा, प्रमिला, श्रवण कुमार आदि मौजूद रहे।