अंबेडकरनगर। मनरेगा के तहत अब बकरी व मुर्गी पालन के लिए शेड बनाए जाएंगे। इसी के साथ अन्य विभागों की सहभागिता सुनिश्चित कराते हुए जाॅब कार्डधारकों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे।
डीएम अविनाश सिंह ने मनरेगा के तहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत रोजगार सृजन एवं स्थायी गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों के सृजन में संबद्ध विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन विभागों के सहयोग से लक्ष्य की पूर्ति होगी और ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को काम मिल सकेगा। इससे मजदूरों का शहरी क्षेत्रों में पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी। लोक निर्माण, सिंचाई विभाग समेत अन्य मनरेगा से ऐसे कार्य करा सकते हैं, जिनमें पर्याप्त धन आवंटन न हुआ हो। इन विभागों की प्रभावी सहभागिता व फील्ड स्तर पर आगे बढ़ने की आवश्यकता को देखते हुए वर्ष 2024-25 में कराए जाने का लक्ष्य निर्धारित है।
डीएम ने कहा कि अधिक से अधिक मनरेगा मजदूरों का पंजीकरण कराएं, जिससे उन्हें योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके। अंतिम पायदान पर बैठे जरूरतमंद लोगों के लिए बकरी शेड, पोल्ट्री शेड बनवाए जाएं। एपीओ समेत अन्य अधिकारी लगातार क्षेत्र भ्रमण करें। डीसी मनरेगा को सुधार न करने वाले एपीओ के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम ने सभी एसडीएम, बीडीओ, बीएमएम, डीएमएम को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूह के विभिन्न उत्पादों का अच्छा बाजार उपलब्ध कराने में सहयोग करें। उनके उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग व ब्रांडिंग हेतु जागरूक करें और समूह की दीदियों को लखपति दीदी बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य करें। बैठक में सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला, एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता, पीडी डीआरडीए अनिल कुमार सिंह, डीसी मनरेगा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।