इससे पहले बीते दिनों पुलिस ने किछौछा व बसखारी बाजार से आठ जेबकतरों को गिरफ्तार कर उनका चालान किया था। खास बात यह है कि पहले व बुधवार को जो जेबकतरे पकड़े गए हैं, वे सभी जनपद गोंडा के निवासी निकले।
प्रसिद्ध दरगाह परिसर व इर्द-गिर्द के क्षेत्रों में सक्रिय जेबकतरों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा बसखारी पुलिस ने किया है। एसओ बेचू सिंह यादव ने बताया कि बुधवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि किछौछा बाजार में कुछ संदिग्ध युवक मौजूद हैं।
इस पर एसआई पीडी यादव हमराही सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम को देखते ही चार युवक वहां से भागने लगे। पुलिस ने दौड़ाकर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास जेब काटने के उपकरण बरामद हुए।
पूछताछ में उनकी पहचान शिवानंद व अर्जुन निवासी झड़वा थाना मोतीगंज, अमरजीत व नदरदाही निवासी बढ़ईपुरवा थाना मोतीगंज जनपद गोंडा के रूप में हुई। इसी प्रकार दोपहर में सूचना मिलने पर एसआई चंद्रभान वर्मा ने दल-बल के साथ घुरहूपुर गांव के निकट घेराबंदी कर तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
उनके पास से भी जेब काटने के उपकरण बरामद हुए। उनकी पहचान राजाराम, राजेश कोरी निवासी कोरही व दुर्गाप्रसाद निवासी ग्राम वीरेपुर थाना मोतीगंज गोंडा के रूप में हुई। बताया कि पकड़े गए सभी सात जेबकतरों का चालान कर दिया गया।
बताते चलें कि इससे पूर्व बीते दिनों किछौछा व बसखारी बाजार से भी पुलिस ने आठ जेबकतरों को गिरफ्तार कर चालान किया था। यह सभी गोंडा जनपद के ही थे। एक ही जनपद के पकड़े गए 15 जेबकतरों को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।