जिला अस्पताल में मंगलवार को भर्ती बुखार पीड़ित बालिका
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जिले में संक्रामक रोगों का प्रकोप दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को भी सात लोग तेज बुखार की चपेट में आकर जिला अस्पताल में भर्ती हुए। इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। उधर लगातार बढ़ रहे संक्रामक रोगों के बाद स्वास्थ्य महकमे ने अकबरपुर, जलालपुर व टांडा में जगह-जगह जांच व चिकित्सा शिविर शुरू तो किया है, लेकिन इसके बाद भी मरीज लगातार जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिले में तेज बुखार की चपेट में आकर पीड़ितों का जिला अस्पताल में भर्ती होने का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार को भी सात और मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए। जानकारी के अनुसार टांडा थाना अन्तर्गत मुसहा गांव निवासी मोहम्मद असलम (45) को सोमवार सुबह तेज बुखार चढ़ गया। परिवारीजनों ने उसे पहले सीएचसी टांडा में भर्ती कराया, जहां हालत की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
महरुआ थाना अन्तर्गत जयमालपुर गांव निवासी पंकज (19) पुत्र अनिरुद्ध को तेज बुखार की चपेट में आने के बाद मंगलवार सुबह परिवारीजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अहिरौली थाना अन्तर्गत चनहा पकड़ी गांव निवासिनी यशोधरा (20) पुत्री महेंद्र को सोमवार दोपहर तेज बुखार चढ़ गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद मंगलवार सुबह उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सम्मनपुर थाना अन्तर्गत नासिरपुर गांव निवासिनी कुसुमलता (15) पुत्री नृपति को तेज बुखार के बाद मंगलवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बेवाना थाना अन्तर्गत रानीपुर गांव निवासिनी माधुरी (55) पत्नी विश्वनाथ को सोमवार दोपहर तेज बुखार चढ़ गया। परिवारीजनों ने स्थानीय स्तर पर इलाज कराया, लेकिन तबियत में सुधार न होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
अलीगंज थाना अन्तर्गत हजियापुर गांव निवासी शिवशंकर (45) को सोमवार सुबह तेज बुखार चढ़ गया। स्थानीयस्तर पर इलाज के बाद उसे सीएचसी टांडा में भर्ती कराया गया, जहां हालत की गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अकबरपुर थाना अंतर्गत मोहसिनपुर गांव निवासिनी गुड़िया (22) पुत्री सियाराम को मंगलवार सुबह तेज बुखार की चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर सीएमओ डॉ. मोहिबुल्लाह ने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जांच के लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं, जिसमें बुखार की जांच मुख्य रूप से कराई जा रही है। मरीजों का उपचार भी किया जा रहा है।