लगभग 21 वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र अंतर्गत मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु की मां सीता की मूर्ति एक तालाब की खोदाई के दौरान बरामद हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल के बाद मूर्ति मंदिर के संरक्षक को सौंप दी गई। थाना क्षेत्र जलालपुर अंतर्गत अशरफपुर मजगवां में लगभग 20 दशक पुराना मंदिर है। वर्ष 1995 में चोरों ने भगवान राम की मूर्ति पार कर दी थी।
मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन की लेकिन मूर्ति का कुछ पता नहीं चल सका। ग्रामीणों ने मंदिर में बाकी बची मां सीता व लक्ष्मण की मूर्ति को सुरक्षित करने को भूमि में सीमेंट से जुड़वा दिया। 23 मार्च 1996 की रात चोरों ने एक बार फिर मंदिर का ताला तोड़कर दोनों मूर्तियों को पार कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में भी केस दर्ज कर लिया लेकिन कई दिन बाद तक मूर्तियां बरामद नहीं हो सकीं। इस बीच गत दिवस मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित बरसाइत में तालाब खोदाई हो रही थी। शुक्रवार शाम मिट्टी के नीचे दबी चोरी हुई मां सीता की मूर्ति बरामद हुई।
देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। जानकारी होते ही वहां पहुंचे मंदिर की देखभाल करने वाले लोगों ने मूर्ति कब्जे में ले ली। सूचना पर प्रभारी थानाध्यक्ष तनवीर अहमद दलबल के साथ गांव पहुंचे व आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे मंदिर के संरक्षक को सौंप दिया।