अंबेडकरनगर। परिषदीय स्कूलों में बाल सुरक्षा और संरक्षा समिति का गठन किया जाएगा। इसमें प्रत्येक कक्षा के एक छात्र और एक छात्रा को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। यह समिति विद्यार्थियों को सामाजिक गतिविधियों के बारे में जानकारी देगी। वहीं, शिक्षक और शिक्षिकाएं इनकी लगातार निगरानी भी करेंगे।
जनपद में 1063 प्राथमिक, 235 उच्च प्राथमिक और 285 कंपोजिट स्कूल संचालित हैं। इनमें दो लाख से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। वहीं, आठ कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल हैं। इनमें 800 छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। शासन इन्हें बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा है। पठन-पाठन के साथ सामाजिक गतिविधियों में भी इन्हें पारंगत किया जाएगा।
स्कूल में गठित होने वाली बाल सुरक्षा एवं संरक्षा समिति का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपराधिक घटनाओं से बचाना है। इसमें सदस्य बच्चों को समाज और आसपास हो रही आपराधिक घटनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक माह होने वाली इस समिति की बैठक में अभिभावकों को भी बुलाया जाएगा।
सभी बीईओ व प्रधानाध्यापकों को दिए गए निर्देश
बीएसए बीपी सिंह ने बताया कि इस संबंध में सभी खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ) और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दे दिए गए हैं। समिति का गठन होने से विद्यार्थियों का सामाजिक और मानसिक विकास होगा और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का बोध होगा।