अंबेडकरनगर। कई दिनों से जारी बारिश ने जिले के कई परिषदीय विद्यालयों में व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। ऐसे में बच्चों के लिए यहां पहुंचना और पढ़ना खतरों से खेलने जैसा हो गया है। दरअसल, कहीं परिसर में पानी भरा होने से मुश्किल हैं तो कहीं मुख्य गेट के सामने ही कीचड़ व जलभराव की नौबत है। कई विद्यालयों के मार्ग जलभराव की चपेट में हैं। अक्सर बच्चे गिरकर चोट भी खा बैठते हैं।
इन सब के बावजूद न तो संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा कोई रुचि ली जा रही है और न ही विभागीय अधिकारियों द्वारा। नतीजा यह कि शिक्षा ग्रहण करने के लिए विद्यालय पहुंच रहे छात्र-छात्राओं को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात का दौर चलने के कारण जिले के तमाम परिषदीय विद्यालयों में जलभराव का संकट गहरा गया है। कई जगहों पर तो मामूली रकम खर्च कर राहत दिलाई जा सकती है, लेकिन इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा। पूर्व माध्यमिक विद्यालय शुकुल बाजार मुख्य मार्ग के ठीक निकट स्थित है। यहां कुल 218 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय के सामने इस तरह कीचड़, गड्ढा व जलभराव है कि छात्र-छात्राओं को किसी तरह फिसलकर गिरने से बचते हुए स्कूल पहुंचना पड़ता है।
कई बार अभिभावकों ने इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। अभिभावकों के अनुसार गंदा पानी एकत्र रहने से मच्छर जनित रोगों के फैलने की भी संभावना बनी हुई है। इससे बच्चों का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है, लेकिन विभाग को इसकी कोई परवाह नहीं है।
प्राथमिक विद्यालय सूरापुर भी इन दिनों जल भराव संकट से जूझने को मजबूर है। ऐसी दशा में न सिर्फ पठन पाठन कार्य बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहा है, बल्कि छात्र-छात्राओं को आने जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल विद्यालय में जल निकासी का कोई समुचित इंतजाम नहीं है। थोड़ी सी बारिश होते ही स्थिति बिगड़ जाती है। विद्यालय परिसर में न सिर्फ बड़े क्षेत्र में जल भराव हो जाता है, बल्कि मुख्य गेट भी पानी की चपेट में आ जाता है। नतीजा यह होता है कि जहां छात्र-छात्राओं को पानी से होकर आने जाने की मजबूरी बनी रहती है, वहीं पठन पाठन कार्य भी प्रभावित होता है। इसके साथ फिसलकर गिरने की संभावना भी बनी रहती है।
ग्रामीणों की मानें तो पिछले दिनों से हो रही बारिश से विद्यालय परिसर की स्थिति दयनीय हो चुकी है। जगह जगह जलभराव से बच्चे स्कूल आ पाने में असमर्थ हो गए हैं। विद्यालय में जलभराव के चलते मिड डे मिल भी बन पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा। अध्यापकों का कहना है कि समस्या से निजात पाने के लिए पूर्व में जिम्मेदारों को अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार अब तक नहीं हो सका है। टांडा, राजेसुल्तानपुर, बसखारी, केदारनगर, मालीपुर, महरुआ, भीटी व जलालपुर में कई ऐसे स्कूल हैं, जहां इस तरह की स्थिति बनी हुई है।
जिन विद्यालयों में जलभराव की स्थिति है, वहां जरूरी इंतजाम कराए जाएंगे। ऐसे विद्यालयों को चिन्हित किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को दिक्कत नहीं होनी दी जाएगी।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए