भूमि संरक्षण विभाग द्वारा वर्ष 2012 से वर्ष 2015 के बीच विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्य कराए गए थे, जिसे लेकर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सवालिया निशान लगाए थे। इसमें कहा गया था कि विभाग ने काम कराने की बजाए लम्बा गोलमाल किया है।
आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर कलक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन किया था, और मामले में डीएम से कार्रवाई की मांग भी की थी। आरोप लगाया था कि जिले के विभिन्न ब्लॉकों में निर्माण कार्यों के नाम पर पुरानी ईंटों का प्रयोग कर नए का भुगतान करा लिया गया।
सोलर लाइट को गांवों में लगवाने की बजाए कई अधिकारियों ने अपने घरों पर लगवा लिया, और उसका भुगतान दिखा दिया गया। कुआं व स्नान घर निर्माण के नाम पर भी जमकर मनमानी कई गांवों में बरती गई। गौसपुर में नाली का निर्माण पुराने ईंटों से कराया गया, लेकिन भुगतान नया ईंट लगाने का लिया गया।
शिकायत में कहा गया कि भूमि संरक्षण विभाग से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी करोड़ों के इस घोटाले में शामिल हैं। इसकी जांच कराई जाए तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। शिकायत का संज्ञान लेते हुए ही डीएम विवेक ने अब इस मामले में जांच का निर्देश दिया है।
सीडीओ डॉ मन्नान अख्तर को पूरे मामले में जांच कर समुचित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम विवेक ने बताया कि शिकायतों पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही सही स्थिति का आकलन हो सकेगा।