आरटीआई कार्यकर्ता शाहिद मुनीर सिद्दीकी ने बीते दिनों वाणिज्य कर विभाग से एक शिकायत दर्ज कराई। बताया कि एक आरा मशीन इन्दईपुर बाजार में चलती है। इस आरा मशीन से क्षेत्र के एक इंटर कालेज को 155 सेट कुर्सी मेज उपलब्ध कराया गया था।
इसके लिए कुल भुगतान 1 लाख 86 हजार रुपए करना था। कर चोरी के लिए फर्म स्वामी ने उक्त धनराशि का भुगतान फर्म के नाम न लेकर अपने पुत्र के नाम चेक के माध्यम से करा लिया। ऐसा कर फर्म ने कर चोरी करने प्रयास किया है। बार बार की शिकायत के बाद वाणिज्य कर विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
इस पर उन्होंने आरटीआई के तहत संबंधित बिंदुओं पर सूचना मांगी। इसमें कर चोरी के लिए किए गए प्लान का खुलासा हुआ। इस पर श्री सिद्दीकी ने जनसूचना की कॉपी वाणिज्य कर विभाग को उपलब्ध कराई। इसके बाद विभाग ने मामले की जांच की और शिकायत सही पाई गई।
इस पर विभाग ने संबंधित फर्म के ऊपर 4 लाख 70 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया है। विभाग ने डीएम को पत्र लिखकर संबंधित रकम की वसूली कराने के लिए पत्र लिखा है। शिकायतकर्ता ने फर्म स्वामी के साथ ही कर चोरी में सहयोगी के रूप में विद्यालय के प्रधानाचार्य के विरुद्घ भी कार्रवाई की मांग की है।