अंबेडकरनगर। राजेसुल्तानपुर पुलिस पर गंभीर आरोपों की परतें लगातार गहराती जा रही हैं। मृतक सौरभ की मां मालती देवी और बहन अंशू ने पुलिस पर थाने में ले जाकर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि न्याय मांगने पर उन्हें ही प्रताड़ना का शिकार बनाया गया। इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मृतक की बहन अंशू ने बताया कि जब वह अपनी मां के साथ थाने पहुंची तो वहां मौजूद एक दारोगा ने न केवल उनके साथ अभद्रता की, बल्कि मारपीट भी की। आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय दबाव बनाने की कोशिश की। वहीं मालती देवी का कहना है कि उनका बेटा सौरभ पांच नवंबर को जेल से छूटने के बाद सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा था। दो दिसंबर की सुबह वह लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद उसका शव मिलने की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। यह पहला मामला नहीं है जब पुलिस पर इस तरह के आरोप लगे हों। इससे पहले मालीपुर थाना क्षेत्र के ठट्टा गांव निवासी दिनेश निषाद का शव 20 दिसंबर को फंदे से लटकता मिला था। उस मामले में भी मृतक की मां श्वेता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि एक 16 वर्षीय किशोरी के लापता होने के प्रकरण में उनके बेटे को थाने बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था( लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने पुलिसिया कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों मामलों में पुलिस की कार्यशैली सवाल खड़े कर रही है। ऐसे में दोनों मामलों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए है। फिलहाल दोनों ही मामलों में पुलिस जांच करने में जुटी है।