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Ambedkar Nagar News: 24 घंटे में 21 सेंटीमीटर बढ़ा सरयू का जलस्तर

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राजेसुल्तानपुर के मांझा कम्हरिया में बढ़ता सरयू नदी का जलस्तर। संवाद
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राजेसुल्तानपुर/विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर ने जिले के तटवर्ती गांवों में एक बार फिर बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में बुधवार को 24 घंटे के भीतर नदी का जलस्तर 21 सेंटीमीटर बढ़कर 85.21 मीटर पहुंच गया। मंगलवार को जलस्तर 85.00 मीटर दर्ज किया गया था। नदी अब खतरे के निशान से महज 35 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। उधर, टांडा तहसील क्षेत्र में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान के बराबर पहुंच गया है। तेजी से बढ़ते पानी को देखते हुए मांझा कम्हरिया, आराजी देवारा और टांडा क्षेत्र में बाढ़ की आशंका गहरा गई है।
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निचले इलाकों में पानी भरने के बाद सरयू का पानी धीरे-धीरे आराजी देवारा के बंधे की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने की यही रफ्तार रही तो अगले एक-दो दिन में कई मजरों के करीब पानी पहुंच सकता है। आराजी देवारा के संतोष और मांझा कम्हरिया के राजेश ने बताया कि नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है और अब बंधे की ओर बढ़ रहा है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आराजी देवारा के प्रसाद कुर्मी का पूरा, हंसू का पूरा और करिया लोनिया का पूरा तथा मांझा कम्हरिया के बद्री का पूरा, निषाद बस्ती और दलित बस्ती सबसे पहले प्रभावित होने वाले इलाकों में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहे हैं। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि सरयू का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन आराजी देवारा और मांझा कम्हरिया में अभी पानी गांवों और संपर्क मार्गों से दूर है। राजस्व कर्मियों को निगरानी के लिए लगाया गया है। नाव चालकों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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टांडा में खतरे के निशान तक पहुंची नदी
टांडा तहसील क्षेत्र में भी सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को यहां जलस्तर 92.470 मीटर था, जो मंगलवार को बढ़कर 92.570 मीटर और बुधवार को 92.730 मीटर पहुंच गया। बुधवार को दर्ज जलस्तर खतरे के निशान के बराबर रहा। इससे नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।उल्टहवा माझा, अवसानपुर, केवटला, डुहियां, महरीपुर माझा कला, माझा चिंतौरा, नैपुरा, सलोनाघाट और ढेलमऊ समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में पानी पहुंचने की आशंका है। फिलहाल नदी किनारे खेतों में पानी भरना शुरू हो गया है। इससे फसलों को नुकसान की चिंता के साथ पशुओं के लिए हरे चारे का संकट भी खड़ा होने की आशंका है। निचले मजरों में आवागमन बाधित होने और रात में जलस्तर बढ़ने पर निगरानी व सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीण चिंतित हैं। बारिश जारी रहने पर हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
नदी किनारे न जाएं, बच्चों और पशुओं का रखें ध्यान : डीएम
डीएम ईशा प्रिया ने लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की है। उन्होंने ग्रामीणों से बच्चों और पशुओं को नदी के किनारे न जाने देने को कहा है। बाढ़ या जलभराव की स्थिति में सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन या संबंधित विभाग को सूचना देने को कहा गया है। डीएम ने बताया कि जिला प्रशासन सरयू के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। संबंधित अधिकारियों और विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

राजेसुल्तानपुर के मांझा कम्हरिया में बढ़ता सरयू नदी का जलस्तर। संवाद

राजेसुल्तानपुर के मांझा कम्हरिया में बढ़ता सरयू नदी का जलस्तर। संवाद

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